हरियाणा

गुरुग्राम में 13.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना पर संकट

Kavita2
8 Oct 2026 9:43 AM IST
गुरुग्राम में 13.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना पर संकट
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गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार की एक महत्वपूर्ण परियोजना पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-पांच तक प्रस्तावित 13.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना को रद्द करने पर विचार किया जा रहा है। हरियाणा मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) इस परियोजना की उपयोगिता और भविष्य को लेकर समीक्षा कर रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में इस परियोजना पर चर्चा की जानी है। इस मेट्रो लाइन का बड़ा हिस्सा प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के मार्ग में आने के कारण इसके निर्माण की योजना पर दोबारा विचार किया जा रहा है। हालांकि, परियोजना को रद्द करने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

13.6 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट की थी योजना

गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-पांच तक करीब 13.6 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर की योजना तैयार की गई थी। इस परियोजना के तहत शहर के कई महत्वपूर्ण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव था।

योजना के अनुसार, मेट्रो लाइन की शुरुआत गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के पास सेक्टर-57 स्थित हांगकांग बाजार के नजदीक से होनी थी। इसके बाद प्रस्तावित लाइन आरडी सिटी, मिलेनियम सिटी सेंटर और इफको चौक होते हुए आगे बढ़ती।

इफको चौक से यह मेट्रो मार्ग सिग्नेचर टावर, महाराणा प्रताप चौक, अतुल कटारिया चौक और शीतला माता रोड से होकर सेक्टर-पांच तक पहुंचने वाला था। इस परियोजना के निर्माण से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने की योजना थी।

नमो भारत कॉरिडोर के कारण बदले हालात

इस मेट्रो परियोजना पर पुनर्विचार की प्रमुख वजह गुरुग्राम से फरीदाबाद और नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर है।

प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन का मार्ग गुरुग्राम के इफको चौक से गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की ओर जाता है। इस कारण गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-पांच तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन का एक बड़ा हिस्सा नमो भारत कॉरिडोर के साथ समान मार्ग पर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार, करीब 7.1 किलोमीटर लंबा हिस्सा प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के साथ पड़ता है। ऐसे में दोनों परियोजनाओं के मार्ग और उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है।

अधिकारियों के सामने सवाल है कि समान मार्ग पर दो अलग-अलग रेल आधारित सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की योजना को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए।

केवल 6.4 किलोमीटर का हिस्सा बचेगा

यदि नमो भारत कॉरिडोर के साथ आने वाले हिस्से को प्रस्तावित मेट्रो योजना से हटा दिया जाता है, तो इफको चौक से सेक्टर-पांच तक करीब 6.4 किलोमीटर लंबा हिस्सा ही बचेगा।

यह मार्ग इफको चौक से शीतला माता रोड होते हुए सेक्टर-पांच तक प्रस्तावित है। अधिकारियों को इतने छोटे हिस्से के लिए अलग मेट्रो परियोजना आगे बढ़ाने की उपयोगिता पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।

इसी कारण एचएमआरटीसी पूरे प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को रद्द करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।

राइट्स को सौंपी गई थी डीपीआर की जिम्मेदारी

इस मेट्रो परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स को सौंपी गई थी।

डीपीआर के माध्यम से प्रस्तावित मेट्रो लाइन की तकनीकी व्यवहार्यता, मार्ग, संभावित निर्माण संबंधी आवश्यकताओं और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जाना था।

लेकिन अब नमो भारत कॉरिडोर की योजना के कारण प्रस्तावित मार्ग की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में परियोजना की भविष्य की दिशा तय करने से पहले एचएमआरटीसी संबंधित पहलुओं की समीक्षा कर रहा है।

परियोजना के रद्द होने की संभावना सामने आने के बावजूद अभी तक इसकी औपचारिक समाप्ति की घोषणा नहीं की गई है।

सेक्टर-पांच में बनना था इंटरचेंज स्टेशन

प्रस्तावित मेट्रो परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सेक्टर-पांच में इंटरचेंज स्टेशन तैयार करना भी था।

योजना के अनुसार, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से आने वाली मेट्रो लाइन को सेक्टर-पांच में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना से जोड़ा जाना था।

इससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो कॉरिडोर के बीच यात्रा करने की सुविधा मिल सकती थी। यात्रियों के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच मेट्रो बदलकर सफर करने का विकल्प उपलब्ध होता।

अब प्रस्तावित लाइन को रद्द करने पर विचार किए जाने से इस इंटरचेंज की मूल योजना पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी संशोधित व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

गुरुग्राम में अन्य मेट्रो परियोजनाओं पर भी काम

गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अन्य मेट्रो परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

हरियाणा सरकार ने मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना की संशोधित लागत और संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही सेक्टर-पांच से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो लिंक को लेकर भी योजना तैयार की गई है।

मई 2026 में राज्य मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

इसके अलावा सेक्टर-56 से पंचगांव तक 35.25 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मार्ग पर 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं।

मुख्य सचिव की बैठक में होगा फैसला

गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-पांच तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना का भविष्य अब एचएमआरटीसी की समीक्षा पर निर्भर करेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में परियोजना के मार्ग, नमो भारत कॉरिडोर के साथ इसके समानांतर हिस्से और शेष मेट्रो लाइन की उपयोगिता पर चर्चा प्रस्तावित है।

अधिकारियों को यह तय करना है कि 13.6 किलोमीटर की मूल परियोजना को आगे बढ़ाया जाए या इसके निर्माण की योजना रद्द कर दी जाए।

फिलहाल परियोजना को लेकर अंतिम आदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि मेट्रो परियोजना को अभी रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे रद्द करने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है।

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