हरियाणा

कलायत बैठक पर बढ़ा विवाद, बीरेंद्र सिंह और सेतिया में जुबानी जंग

nidhi
12 Oct 2026 7:35 AM IST
कलायत बैठक पर बढ़ा विवाद, बीरेंद्र सिंह और सेतिया में जुबानी जंग
x
सिरसा से कलायत तक बढ़ा विवाद
चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस में नेताओं के बीच आपसी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। सिरसा में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद अब कैथल जिले के कलायत तक पहुंच गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पर निशाना साधा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
सिरसा में पर्यवेक्षक की नियुक्ति से शुरू हुआ नया विवाद
हरियाणा कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया था। इस कार्यक्रम के तहत सिरसा में प्रदर्शन की निगरानी की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह को सौंपी गई। इसी नियुक्ति पर स्थानीय विधायक गोकुल सेतिया ने नाराजगी जताई। सेतिया ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि पार्टी नेतृत्व को उनके और बीरेंद्र सिंह के बीच राजनीतिक मतभेदों की जानकारी है। इसके बावजूद उन्हें सिरसा की जिम्मेदारी सौंपना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी नेतृत्व उन्हें कांग्रेस का हिस्सा नहीं समझता। सेतिया ने कहा कि वे वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेदों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बीरेंद्र सिंह को सिरसा आने की दी चुनौती
गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह की नियुक्ति पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें राजनीतिक टकराव में रुचि है तो सिरसा में उनका स्वागत है। सेतिया ने आरोप लगाया कि कुछ नेता सिरसा में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी संगठन की नियुक्तियों में स्थानीय विधायक की राय नहीं लिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कांग्रेस का लोकतंत्र बचाओ अभियान महत्वपूर्ण है, लेकिन संगठन के भीतर पुराने मतभेदों को ध्यान में रखकर जिम्मेदारियां तय की जानी चाहिए। सेतिया के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक खींचतान फिर चर्चा में आ गई।
भाई की शादी को लेकर भी बढ़ी थी नाराजगी
बीरेंद्र सिंह के परिवार और गोकुल सेतिया के बीच विवाद की एक वजह पारिवारिक कार्यक्रम से भी जुड़ी बताई जा रही है। गोकुल सेतिया के भाई विभोर सेतिया की शादी में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह शामिल नहीं हुए थे। इस बात पर गोकुल सेतिया ने नाराजगी जताई थी। बृजेंद्र सिंह ने बाद में स्पष्ट किया कि वे अपनी सद्भावना यात्रा में व्यस्त होने के कारण शादी में नहीं पहुंच सके थे। इसके बाद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा के सिरसा पहुंचने पर गोकुल सेतिया ने उनके कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी भी हुई।
कलायत की बैठक में फिर सामने आया विवाद
कैथल जिले के कलायत में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान यह विवाद फिर सामने आया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान गोकुल सेतिया ने अपने संबोधन में बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह पर राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने दोनों नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों और अपने साथ चल रहे मतभेदों का उल्लेख किया। बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने सेतिया को बीच में रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा। इस दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनकी कुछ टिप्पणियों पर मुस्कुराते दिखाई दिए। हालांकि, इससे हुड्डा के किसी पक्ष का समर्थन करने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा भी रही चर्चा में
पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं। गोकुल सेतिया ने पहले इस यात्रा पर सवाल उठाते हुए बृजेंद्र सिंह की राजनीतिक शैली की आलोचना की थी। उन्होंने बृजेंद्र सिंह पर हरियाणा में राहुल गांधी जैसी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करने का तंज कसा था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हुई। सिरसा में कांग्रेस के कार्यक्रमों के दौरान उनकी राजनीतिक दूरी भी चर्चा का विषय बनी रही।
कुमारी सैलजा पर भी सवाल उठा चुके हैं सेतिया
गोकुल सेतिया ने केवल बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह ही नहीं, बल्कि कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा को लेकर भी सार्वजनिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने संगठनात्मक नियुक्तियों में अपनी अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया और पूछा कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद उनकी राय क्यों नहीं ली गई। सेतिया ने पार्टी नेतृत्व से मतभेदों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की थी। इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस प्रभारी ने की एकजुट रहने की अपील
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त ने पार्टी नेताओं से आपसी मतभेद दूर कर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की है। कांग्रेस के सामने इस समय संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय विधायकों के बीच सार्वजनिक विवाद पार्टी के भीतर तालमेल का मुद्दा बन गया है। सिरसा से शुरू हुई बयानबाजी और कलायत की बैठक में हुई टिप्पणियों के बाद अब पार्टी नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल बीरेंद्र सिंह और गोकुल सेतिया के बीच मतभेद सार्वजनिक हैं। कांग्रेस नेतृत्व इन मतभेदों को दूर करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है, यह देखना बाकी है।
Next Story