हरियाणा

'कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके', पेपर लीक पर नायब सैनी का पलटवार

Ratna Netam
5 Aug 2026 8:01 PM IST
कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके, पेपर लीक पर नायब सैनी का पलटवार
x
गुरुग्राम : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में हुए छात्र आंदोलन और पेपर लीक के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को आधार बनाकर आंदोलन खड़ा किया गया, वहां वास्तविकता में पेपर लीक जैसा कोई मामला था ही नहीं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल की ओर देखना चाहिए, जब पेपर लीक की घटनाएं आम बात थीं और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ था। गुरुग्राम में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने यह बयान दिया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है। इन वर्षों में देश की एक नई पीढ़ी तैयार हुई है, जिसे शायद यह भी नहीं पता कि कांग्रेस शासनकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की क्या स्थिति हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा देने निकलने वाले छात्रों को यह भरोसा नहीं होता था कि परीक्षा समय पर होगी या नहीं। कई बार परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही पेपर लीक होने की खबर आ जाती थी, जिससे लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर जाता था।
उन्होंने कहा कि उस समय परिवहन व्यवस्था भी बेहद खराब थी। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों को बसों और ट्रेनों की छतों पर बैठकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ता था। कई बार लंबी यात्रा करने के बाद जब छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचते थे तो उन्हें पता चलता था कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका है और परीक्षा स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर की अव्यवस्थाओं को आज की युवा पीढ़ी ने नहीं देखा है, इसलिए विपक्ष उन्हें भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और जैसे ही विभिन्न राज्यों में ऐसी घटनाएं सामने आईं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इसी सोच के तहत सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कानून लागू किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक, परीक्षा में धांधली या संगठित नकल जैसे अपराधों में दोषी पाया जाता है तो उसे 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना था कि यह कानून केवल सजा देने के लिए नहीं बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया है, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं का विश्वास परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी और सरकार उन्हें बेहतर शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित टिप्पणियां कीं, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे व्यक्तिगत मुद्दा न बनाकर युवाओं के हित को सर्वोपरि रखा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में आने के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर योग्य युवा को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने और भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत कानून, पारदर्शी व्यवस्था और युवाओं के सहयोग से पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और देश का भविष्य अधिक सुरक्षित एवं सशक्त बनेगा।
Next Story