
बरवाला। हिसार-चंडीगढ़ मार्ग स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे सीएनजी गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। अचानक गैस लीक होने की जानकारी मिलते ही पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। हालांकि पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए करीब 20 मिनट में रिसाव पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान आगजनी या किसी अन्य बड़े हादसे की स्थिति नहीं बनी।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे दनोदा की तरफ से सीएनजी गैस लेकर एक वाहन पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। इसी दौरान गैस सप्लाई से जुड़ी लाइन में रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में गैस की तेज गंध और रिसाव की आवाज से कर्मचारियों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
कर्मचारियों ने तुरंत पेट्रोल पंप के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर जाने के लिए कहा और गैस रिसाव को रोकने की कोशिश शुरू की। साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी गई।
सीएनजी अत्यधिक ज्वलनशील गैस होती है, इसलिए रिसाव की स्थिति में मामूली चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही वजह रही कि घटना के दौरान आसपास किसी भी प्रकार की आग या इलेक्ट्रिक स्पार्क से बचने के लिए सावधानी बरती गई।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद गैस रिसाव पर नियंत्रण पा लिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद गैस सप्लाई से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। रेस्टोरेंट प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने बताया कि मेनलाइन से जुड़े पाइप पर ऐसा आपातकालीन वाल्व नहीं लगाया गया था, जिसे रिसाव की स्थिति में तत्काल बंद करके सप्लाई रोकी जा सके।
उनका कहना है कि यदि लाइन पर इमरजेंसी शटऑफ वाल्व लगा होता तो गैस की सप्लाई तुरंत रोकी जा सकती थी। इससे रिसाव की अवधि भी कम होती और खतरा जल्दी नियंत्रित हो जाता।
कृष्ण कुमार के मुताबिक वाल्व नहीं होने के कारण एजेंसी के कर्मचारी के पहुंचने तक गैस निकलती रही। इस दौरान पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को अपनी तरफ से स्थिति संभालनी पड़ी।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सीएनजी सप्लाई लाइन में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। पेट्रोल पंप जैसी जगह पर सीएनजी, पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद रहते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी है।
आपात स्थिति में गैस की सप्लाई रोकने के लिए शटऑफ सिस्टम, सेफ्टी वाल्व और गैस डिटेक्शन जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। यदि इनमें से कोई व्यवस्था नहीं हो तो छोटी तकनीकी खराबी भी बड़ा खतरा बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय कुछ देर के लिए क्षेत्र में डर का माहौल बन गया था। पेट्रोल पंप के पास से गुजर रहे वाहन चालकों ने भी दूरी बनाए रखी।
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति का निरीक्षण किया। गैस रिसाव रुकने के बाद भी कुछ समय तक एहतियात बरती गई, ताकि कहीं दोबारा रिसाव शुरू न हो।
घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। न ही किसी वाहन या संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इससे बड़ा हादसा टल गया।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों की तत्परता को लेकर स्थानीय लोगों ने राहत जताई है। यदि रिसाव पर समय रहते ध्यान नहीं जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
सीएनजी वाहन से पंप तक गैस ट्रांसफर करते समय तकनीकी सावधानियां जरूरी होती हैं। पाइप, वाल्व और कनेक्शन में जरा सी खराबी से रिसाव का खतरा पैदा हो सकता है।
अब घटना के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा पाइपलाइन और सुरक्षा उपकरणों की जांच किए जाने की संभावना है। यह भी देखा जाएगा कि रिसाव किस हिस्से से हुआ और इसकी मुख्य वजह क्या थी।
यदि किसी तकनीकी कमी या रखरखाव में लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन पर सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित होना भी जरूरी है।
पंप पर मौजूद कर्मचारियों ने शुरुआत में ही खतरे को पहचान लिया और तत्काल कार्रवाई की। इसी वजह से गैस रिसाव के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई।
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग भी ऐसे मामलों में नियमित मॉक ड्रिल और निरीक्षण के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर सकते हैं।
घटना के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन से सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा की अपेक्षा की जा रही है। विशेष तौर पर मेनलाइन पर आपातकालीन वाल्व की व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा है।
यदि गैस सप्लाई लाइन में इमरजेंसी वाल्व लगाया जाता है तो भविष्य में किसी रिसाव की स्थिति में सेकंडों में सप्लाई बंद की जा सकती है। इससे दुर्घटना का खतरा काफी कम हो सकता है।
बरवाला में बुधवार रात हुआ यह गैस रिसाव बड़ा हादसा बन सकता था, लेकिन समय पर कर्मचारियों की सक्रियता और दमकल विभाग की मौजूदगी से स्थिति संभल गई।
फिलहाल रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अब घटना के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच पर नजर रहेगी।





