
Haryana हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘मेक इन हरियाणा’ पॉलिसी लॉन्च की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य को निवेश, उद्योग और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार ने इस पॉलिसी के तहत लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जिससे बड़े पैमाने पर नए उद्योग स्थापित होंगे और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस नीति में छोटे, मध्यम और बड़े सभी प्रकार के उद्योगों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। सरकार का फोकस विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एग्री-इंडस्ट्री और स्टार्टअप सेक्टर पर रहेगा। इसके साथ ही निवेशकों के लिए सरल मंजूरी प्रक्रिया, सिंगल विंडो सिस्टम और पारदर्शी नीतिगत ढांचे का प्रावधान किया गया है, ताकि उद्योग लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
‘मेक इन हरियाणा’ नीति के तहत राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा। बिजली, पानी, सड़क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे हरियाणा निवेश के लिए और अधिक आकर्षक राज्य बनेगा।
इस नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को उद्योगों में अधिक अवसर देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को भी उद्योगों की जरूरतों के अनुसार जोड़ा जाएगा, ताकि युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा सके। इसके अलावा, स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रोत्साहन योजनाएं शामिल की गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिले।





