
गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को गुरुग्राम के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले से संबंधित लोगों की समस्याओं और शिकायतों पर सुनवाई की जा रही है। अधिकारियों के साथ बैठक में शिकायतों के निस्तारण और संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है।
बैठक में कुल 17 परिवादों को सुनवाई के लिए रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अलावा विधायक बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर और मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
17 परिवादों पर हुई सुनवाई
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में समाधान कराना है। शुक्रवार को आयोजित बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शिकायतकर्ताओं को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलता है। संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहते हैं, जिससे शिकायतों से जुड़े तथ्यों और अब तक की कार्रवाई की जानकारी तत्काल हासिल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता बरतने और लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों की भी रही मौजूदगी
बैठक में प्रदेश सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर और मुकेश शर्मा ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से स्थानीय स्तर की समस्याओं और उनके समाधान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिला। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में जमीन, विकास कार्य, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में कष्ट निवारण समिति की बैठक को शिकायतों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
अधिकारियों से मांगी गई कार्रवाई की जानकारी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से शिकायतों के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। जिन मामलों में विभिन्न विभागों की भूमिका है, वहां अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।
ऐसी बैठकों में शिकायतों पर केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा भी की जाती है। शिकायतकर्ता की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों की शिकायतों को लंबित नहीं रखने और नियमानुसार समय पर कार्रवाई करने का संदेश दिया।
गुरुग्राम की स्थानीय समस्याओं पर नजर
गुरुग्राम प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। यहां तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के साथ नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में जिला स्तर पर लोगों की शिकायतों की सुनवाई का महत्व और बढ़ जाता है।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों पर सुनवाई के माध्यम से प्रशासन को जमीनी समस्याओं की जानकारी मिलती है। इससे अधिकारियों को उन क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है जहां लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत
ग्रीवेंस कमेटी की बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बैठक से संबंधित विषयों और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर जानकारी दी।
मुख्यमंत्री का मीडिया से संवाद ऐसे समय हुआ जब वे गुरुग्राम में जिला स्तर पर लोगों की शिकायतों की सुनवाई कर रहे थे। बैठक के बाद सामने आए मुद्दों और सरकार के रुख को लेकर मीडिया ने उनसे सवाल किए।
शिकायतों के समाधान पर सरकार का जोर
राज्य सरकार की ओर से जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति को आम लोगों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी शिकायतों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं की सुनवाई वरिष्ठ अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हो।
गुरुग्राम में शुक्रवार को हुई बैठक में 17 परिवादों की सुनवाई इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति पूछे जाने से मामलों के जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर
कष्ट निवारण समिति की बैठकों में शिकायतों के समाधान के साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी शिकायत पर पहले से कार्रवाई की गई है तो उसकी स्थिति बैठक में स्पष्ट की जाती है। वहीं, यदि मामला लंबित है तो उसके कारणों और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली जाती है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली गई। सरकार का उद्देश्य शिकायतों को केवल दर्ज करने के बजाय उनके प्रभावी समाधान तक पहुंचाना है।
आगे भी जारी रहेगा शिकायतों के निस्तारण का सिलसिला
गुरुग्राम में आयोजित बैठक के बाद अब संबंधित विभागों के सामने शिकायतों पर की गई कार्रवाई को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव है, उनमें कार्रवाई की उम्मीद है, जबकि जटिल मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गुरुग्राम दौरा जिला स्तर पर लोगों की शिकायतों की सुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। कुल 17 परिवादों पर सुनवाई, वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी तथा बैठक के बाद मुख्यमंत्री का मीडिया से संवाद इस दौरे के प्रमुख बिंदु रहे। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि सुनवाई के दौरान सामने आई शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।





