
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में बुधवार को प्रदेश में हो रही एलपीजी की दिक्कत का मुद्दा उठा। इस संबंध में खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने केंद्र सरकार के विरूद्ध निंदा प्रस्ताव भी पेश किया। सदन में भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस प्रस्ताव पर गुरुवार को वोटिंग होगी।
गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने पर मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है और कमर्शियल गैस की सप्लाई में कटौती भी शुरू हो गई है। साथ ही पंजाब में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे आगे और संकट पैदा हो सकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि गोदामों में पहले से ही जगह कम है, क्योंकि चावल का उठान धीमा चल रहा है। गेहूं की पैकिंग के लिए आमतौर पर जूट के बैग इस्तेमाल किए जाते हैं, जो बांग्लादेश से आते हैं। इस बार जरूरत के मुकाबले केवल तीन लाख बैग ही मिले हैं। इसलिए दो लाख प्लास्टिक बैग की व्यवस्था करने को कहा गया है।
कटारूचक ने बताया कि गैस के दामों में बढ़ोतरी भी की गई है, जिसका असर रेस्टोरेंट सहित अन्य क्षेत्रों की सप्लाई पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि चेन्नई और मुंबई में पहले ही दिक्कतें सामने आने लगी हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की बात भी कही। शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
आम आदमी पार्टी के विधायक शैरी कलसी ने कहा कि आज लोगों को सच्चाई बताने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक तीन-चार लोगों के फोन आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस संकट के मुद्दे पर बीजेपी सरकार चुप बैठी है। सरकार को बताना चाहिए कि गैस की किल्लत के बारे में लोगों को सही जानकारी कौन देगा। इस दौरान सदन में बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।





