Chandigarh: राज्य स्तरीय ऊर्जा संरक्षण समारोह में ऊर्जा दक्षता के नए मानक स्थापित

चंडीगढ़: हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (हरेडा) द्वारा ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (जीजीजीआई) के सहयोग से होटल हयात, चंडीगढ़ में गुरुवार काे “राज्य स्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार वितरण समारोह” एवं एशिया लो कार्बन बिल्डिंग ट्रांजिशन (एएलसीबीटी) परियोजना के अंतर्गत भवन रजिस्ट्री पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उद्योग इकाइयों, सरकारी भवनों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं शैक्षणिक संस्थानों को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल औद्योगिक आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य को ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। राज्य सरकार निरंतर ऊर्जा के कुशल उपयोग, हरित तकनीकों के प्रचार और नवीकरणीय स्रोतों के प्रोत्साहन की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता लगभग 16,227 मेगावॉट है, जिसमें से 38.61 प्रतिशत (6,265 मेगावॉट) ऊर्जा गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त की जा रही है। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को स्वच्छ स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए आवश्यक संस्थागत एवं नीतिगत ढांचा तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पावर यूटिलिटीज ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने नवीकरणीय ऊर्जा क्रय दायित्व (आरपीओ) के लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिए हैं और वर्ष 2029-30 के 43.33 प्रतिशत आरपीओ लक्ष्य की दिशा में भी आवश्यक योजनाएं लागू की जा चुकी हैं।
हरेडा और जीजीजीआई के बीच एएलसीबीटी परियोजना को लेकर सहयोग: इस दौरान हरेडा के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हरेडा, ऊर्जा दक्षता को राज्य की जीवनशैली और विकास का हिस्सा बनाने के लिए निरंतर नीतियां लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरेडा ने जीजीजीआई के साथ एशिया लो कार्बन बिल्डिंग ट्रांजिशन (एएलसीबीटी) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर विशेष अतिथि एवं वरिष्ठ प्रशासक सुनील गुलाटी (पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा) ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर अपने विचार साझा किए और उद्योगों एवं नागरिकों को इस दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को किया सम्मानित: समारोह में औद्योगिक श्रेणी (1 मेगावाट से अधिक भार) में पहला स्थान पानीपत रिफाइनरी, पानीपत को मिला, जबकि नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, पानीपत को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर प्रा. लि., गुरुग्राम एवं डेंसो हरियाणा प्रा. लि., आईएमटी मानेसर, गुरुग्राम को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। औद्योगिक श्रेणी (1 मेगावाट से कम भार) में टाटा कंज्यूमर, रोहतक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा शाहाबाद शुगर मिल, शाहाबाद को द्वितीय पुरस्कार मिला। एमएसएमई श्रेणी (1 मेगावाट से अधिक भार) में अभि ऑटोमोटिव, गुरुग्राम प्रथम रही, जबकि 1 मेगावाट से कम भार श्रेणी में पॉली प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, यमुनानगर द्वितीय स्थान पर रही। वाणिज्यिक भवन श्रेणी में एयरटेल सेंटर रोस्ट्रम, गुरुग्राम ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम को दूसरा स्थान मिला। सरकारी भवन श्रेणी में नॉर्दर्न रेलवे एक्स्ट्रा डिविजनल हॉस्पिटल, जगाधरी को प्रथम पुरस्कार मिला।





