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Chandigarh: विज्ञान में टॉपर छात्रों के लिए इसरो-जापान एक्सपोजर प्रोग्राम

Admindelhi1
27 May 2026 10:43 AM IST
Chandigarh: विज्ञान में टॉपर छात्रों के लिए इसरो-जापान एक्सपोजर प्रोग्राम
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चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को अब नई उड़ान मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए ऐसा कदम उठाया है, जो आने वाले वर्षों में हजारों छात्रों की सोच बदल सकता है। अब हरियाणा के टॉपर छात्र सिर्फ किताबों में रॉकेट और सैटेलाइट नहीं पढ़ेंगे, बल्कि उन्हें करीब से देख भी सकेंगे।सरकार ने इस वर्ष पीएम श्री और समग्र विद्यालयों के 3000 मेधावी छात्रों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के विभिन्न केंद्रों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। अगस्त से दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग बैच में नौवीं से 12वीं तक के चयनित छात्र देश के प्रमुख स्पेस सेंटरों का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट निर्माण की वास्तविक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।

हरियाणा सरकार की यह पहल केवल एक शैक्षणिक यात्रा नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के सपनों को नई ऊंचाई देने की कोशिश मानी जा रही है। गत वर्ष 2025-26 में पहली बार इस योजना की शुरुआत हुई थी। तब लगभग 198 छात्रों और 12 शिक्षकों को तीन बैच में अहमदाबाद स्थित इसरो केंद्रों के भ्रमण पर भेजा गया था। छात्रों की यात्रा से लेकर रहने तक का पूरा खर्च राज्य सरकार ने उठाया था। कई छात्रों ने पहली बार महसूस किया कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि भविष्य बदलने वाली ताकत है। करीब 70 छात्रों के एक विशेष बैच ने इसरो केंद्र का दौरा किया, जहां वैज्ञानिकों ने उन्हें स्पेस रिसर्च और सैटेलाइट मिशनों की जानकारी दी।

इन छात्रों का चयन एनएमएमएस परीक्षा और दसवीं कक्षा के उत्कृष्ट परिणामों के आधार पर किया गया। छात्र 24 मई को भारत से रवाना हुए और 30 मई तक जापान में विज्ञान, तकनीक और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मंगलवार को बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल अच्छे रिजल्ट लाना नहीं, बल्कि बच्चों में विज्ञान और तकनीक के प्रति जिज्ञासा पैदा करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और अवसर देने की है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास देते हैं।

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