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Chandigarh: समाज की एकता के लिए जरूरी है समरसता और समान सम्मान : नायब सैनी

Admindelhi1
24 Aug 2026 2:42 PM IST
Chandigarh: समाज की एकता के लिए जरूरी है समरसता और समान सम्मान : नायब सैनी
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समरसता से समाज में भाईचारा और एकता को मिलेगा बल : नायब सैनी

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का संस्कार है। समरसता का वास्तविक अर्थ अपनी पहचान को मिटाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पहचान का समान सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इसी समरसता, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाते हुए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र से प्रेरणा लेकर हरियाणा सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री रविवार को रेवाड़ी जिला के बावल हल्के में मेघवाल उत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित समस्त अनुसूचित जाति का समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, बावल के विधायक डॉ.कृष्ण कुमार, रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, पूर्व मंत्री डॉ.बनवारी लाल सहित आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग, डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति तथा पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है। नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों को 3,500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वालों को 7 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है। 9,090 विद्यार्थियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें तथा कक्षा पहली से आठवीं तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने बताया कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई, जिनमें 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे संस्थानों और 61 बच्चों का नीट में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद अहीरवाल क्षेत्र में विकास की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। पहले विकास और रोजगार कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहने की शिकायतें थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ पूरे प्रदेश में समान विकास को गति दी।

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित एवं सामाजिक समरसता प्रतिभा सम्मान समारोह में मेघवाल समाज की 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इन होनहार विद्यार्थियों ने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

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