
Chandigarh चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को दावा किया कि पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। इस साल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पास करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए ज़ीरकपुर में आयोजित एक सम्मान समारोह में बोलते हुए मान ने कहा, "हाल ही में, जब फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में नकल कराने की कोशिश हमारे ध्यान में आई, तो हमने तुरंत कार्रवाई की। इस रैकेट में शामिल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"
मुख्यमंत्री ने फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा की घटना की तुलना NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से की। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, पेपर लीक की यह पहली घटना नहीं है। देश ने 2017, 2024 और अब फिर 2026 में पेपर लीक देखे हैं। यह केंद्र सरकार की पूरी विफलता है और यह बेहद निंदनीय, असहनीय और अक्षम्य है।"
मान ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इस साल पंजाब के सरकारी स्कूलों से रिकॉर्ड 882 छात्रों ने NEET क्वालिफाई किया, जबकि 2022 में यह संख्या सिर्फ़ 82 थी। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बच्चों को मौके और अच्छी शिक्षा मिलती है, तो कोई भी सपना उनकी पहुँच से दूर नहीं होता।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस साल NEET में ऑल-इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता भी लुधियाना से हैं।
इस साल देश भर में लगभग 20 लाख छात्र NEET परीक्षा में शामिल हुए। वरिष्ठ AAP नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी छात्रों को बधाई दी। बैंस ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार के PACE (पंजाब एकेडमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस) प्रोग्राम को दिया, जो अवंती और मंत्रा फॉर चेंज जैसे संस्थानों के साथ मिलकर मुफ़्त कोचिंग, मेंटरशिप, मॉक टेस्ट और करियर गाइडेंस देता है।





