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Chandigarh: ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

Admindelhi1
13 Oct 2025 10:22 AM IST
Chandigarh: ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गांवों में शामलात की भूमि के उपयोग के तरीकों में बदलाव किया है। ग्राम पंचायत अपनी आय बढ़ाने के लिए स्वयं के स्तर पर ग्राम शामलात की 250 एकड़ तक भूमि का उपयोग कर सकेगी। इसके लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। पहले भूमि उपयोग की यह सीमा 100 एकड़ थी, जिसमें 150 एकड़ की बढ़ोतरी की गई है। यदि पंचायत समिति और जिला परिषद द्वारा योजना को तय समय अवधि में अनुमति नहीं दी जाती या असहमति होने पर ग्राम पंचायत उपयुक्त निर्णय के लिए राज्य सरकार के समक्ष आवेदन कर सकती है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में रविवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम शामलात भूमि नियम 1964 में संशोधन को मंजूरी दी गई। बैठक में ग्राम शामलात भूमि नियम 6 (2) में संशोधन के अंतर्गत प्रावधान किया गया है कि खेती के लिए पट्टे पर दी जाने वाली प्रस्तावित भूमि में से चार प्रतिशत भूमि बेंचमार्क विकलांगता (60 प्रतिशत या इससे अधिक) वाले व्यक्तियों के लिए आरक्षित की जाएगी।

इसके अलावा ग्राम शामलात भूमि नियम 1964 के नियम 6 (2ए) में भी संशोधन किया गया है। इसके अनुसार, गो अभ्यारण्य स्थापित करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग या हरियाणा गो सेवा आयोग को 20 वर्ष की अवधि के लिए 5100 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से कुछ नियमों और शर्तों पर भूमि पट्टे पर देने का प्रावधान किया गया है।

कारखानों में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षा: हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में पंजाब फैक्ट्री नियम 1952 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई है। यह संशोधन कारखानों में कुछ प्रक्रियाओं में महिलाओं को कार्य करने की अनुमति देने से संबंधित हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत नियमों के अंतर्गत देय शुल्क को अब आनलाइन माध्यम से जमा कराने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह संशोधन निर्धारित सुरक्षा शर्तों के अधीन सभी श्रेणियों के कार्यों में महिलाओं के रोजगार की अनुमति देंगे। इस संशोधन से लैंगिक असमानता समाप्त होगी, महिलाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और इंजीनियरिंग, केमिकल्स तथा विनिर्माण जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। संशोधन यह भी सुनिश्चित करेगा कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं खतरनाक श्रेणी के कार्यों से बाहर रहें, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की पूर्ण सुरक्षा बनी रहे।

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