हिसार रोडवेज डिपो में बसों का संचालन ठप, दूसरे डिपुओं से मिली मदद

हिसार: हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों ने शनिवार तड़के चार बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया। सुबह होते ही कर्मचारियों ने डिपो के मुख्य गेट पर मोर्चा संभाल लिया और बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया। चंडीगढ़ जाने वाली बस को भी कर्मचारियों ने कार्यशाला और बस अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया। हालांकि, दूसरे रोडवेज डिपुओं की बसें और निजी बसें सामान्य रूप से चलती रहीं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक साधन उपलब्ध रहे।
लंबे और स्थानीय मार्गों की बस सेवाएं प्रभावित
चक्का जाम के कारण हिसार डिपो की दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर, अजमेर, आगरा और खाटूश्याम सहित लंबे रूटों की बसें बंद रहीं। इसके अलावा आदमपुर, उकलाना, भादरा और चौधरीवास जैसे स्थानीय मार्गों पर भी बसों का संचालन ठप रहा।
साझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में डिपो के सैकड़ों कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। कार्यशाला कर्मचारियों, लिपिकों, सफाई कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों ने एकजुट होकर मुख्य गेट पर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन को दिया समर्थन
हड़ताल को समर्थन देने के लिए राज्य साझा मोर्चा के वरिष्ठ कर्मचारी नेता जयबीर घनघस, जगदीप लाठर, अनूप लाठर, देवेंद्र धनवशी और रामनिवास सामदो हिसार पहुंचे। इनके अलावा रोहतक से चालक संघ के प्रधान ओम, जींद से घड़सी राम और सेवानिवृत्त कर्मचारी सुभाष ढिल्लों ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
डिपो की बसें बंद रहने के बावजूद दूसरे रोडवेज डिपुओं की बसें निर्धारित मार्गों पर चलती रहीं। निजी बस संचालकों ने भी सेवाएं सामान्य रखीं। ऐसे में बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को हिसार डिपो की बसें नहीं मिलीं, लेकिन दूसरे डिपुओं और निजी बसों के जरिए यात्रा करने के विकल्प उपलब्ध रहे। इस कारण चक्का जाम का असर मुख्य रूप से हिसार डिपो की बस सेवाओं तक सीमित रहा।
लंबित वित्तीय भत्तों के भुगतान की मांग
साझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता संदीप जैनावास ने कहा कि कर्मचारियों के वर्षों से लंबित वित्तीय भत्तों का भुगतान नहीं होना उनके साथ अन्याय है। कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई और जायज अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
जीएम के साथ बातचीत बेनतीजा, आंदोलन जारी रखने का फैसला
हड़ताल के बीच रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल के बुलावे पर शनिवार को कर्मचारी नेताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। बैठक में यातायात प्रबंधक प्रीतम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए बताया कि टीए और मेडिकल बिल के कुछ भुगतान स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि एलटीसी का भुगतान मंगलवार तक होने की संभावना है। अन्य वेतन और भत्तों से संबंधित मामलों पर भी काम चलने की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कर्मचारी नेताओं से आंदोलन समाप्त कर बसों का संचालन शुरू करने की अपील की। हालांकि, साझा संघर्ष समिति ने आश्वासन स्वीकार नहीं किया। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान नहीं होता, कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
धरने में साझा संघर्ष समिति के नेता जोगेंद्र पंघाल, अजय दुहन, बजरंग लाखा, कर्मवीर मसूदपुर, जितेंद्र शर्मा, अमित जुगलान, राजकुमार चौहान, पवन कनोह, दयानंद सरसाना, अरुण शर्मा, राजेश जांगड़ा और नरेंद्र खरड़ सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।





