हरियाणा

बजट 2026-27 में एआई और सिलिकॉन निर्माण पर जोर

SHIDDHANT
1 Feb 2026 8:10 PM IST
बजट 2026-27 में एआई और सिलिकॉन निर्माण पर जोर
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Chandigarh चंडीगढ़: साल 2026-27 के केंद्रीय बजट को लेकर स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 2B Innovations के फाउंडर दिलदीप सिंह ने कहा कि बजट में रक्षा (डिफेंस) पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई, जबकि नए और उभरते तकनीकी क्षेत्रों जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सिलिकॉन निर्माण पर मजबूत फोकस दिखाई दिया है। दिलदीप सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "एआई और सिलिकॉन निर्माण जैसी तकनीकों के कई सेक्टर्स में उपयोग हैं। इनका प्रभाव हर उद्योग में देखा जा सकता है। हालांकि, पूरे रक्षा या युद्ध क्षेत्र के इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए बजट में कोई विशेष आवंटन नहीं किया गया।

उन्होंने आगे बताया कि यह बजट तकनीकी नवाचारों और स्टार्टअप्स के लिए सकारात्मक संकेत देता है। नए चिप निर्माण, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई आधारित समाधानों पर दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। "भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में यह बजट एक कदम है, लेकिन सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश की कमी स्पष्ट है," उन्होंने कहा। दिलदीप सिंह के अनुसार, वर्तमान में रक्षा उत्पादन, उच्च तकनीकी हथियार और स्वदेशी एआई आधारित सिस्टम पर जोर देने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि टेक्नोलॉजी निवेश को रक्षा उद्योग के इकोसिस्टम से जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में नए तकनीकी क्षेत्रों को शामिल करना भारत के डिजिटल और औद्योगिक विकास के लिए अहम है। साथ ही, देश में एआई, सिलिकॉन निर्माण और क्लाउड तकनीक जैसे सेक्टर्स को मजबूत करने से रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, रक्षा क्षेत्र में सीधे आवंटन न होने की वजह से टेक्नोलॉजी और नवाचार के लाभ का पूरा उपयोग देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में नहीं हो पाएगा। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि बजट को नीति निर्माण और दीर्घकालिक रणनीति के नजरिए से देखा जाना चाहिए। दिलदीप सिंह ने निष्कर्ष निकाला कि बजट 2026-27 तकनीकी दृष्टि से उत्साहवर्धक है, लेकिन रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अभी भी सुधार और विस्तारित फोकस की मांग करता है।
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