
नारनौल। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में खरीफ सीजन के दौरान बाजरे की सरकारी खरीद को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नई अनाज मंडी नारनौल में 19 से 24 अक्टूबर तक के खरीद कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। मार्केट कमेटी ने किसानों की सुविधा और मंडी में बढ़ती फसल आवक को देखते हुए संशोधित गांववार शेड्यूल जारी किया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, प्रत्येक दिन निर्धारित गांवों के किसानों की बाजरे की फसल खरीदी जाएगी। मार्केट कमेटी के सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी नुकुल यादव ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए गांवों के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तारीख के अनुसार ही अपनी बाजरे की फसल मंडी में लेकर पहुंचें, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके।
19 से 24 अक्टूबर तक लागू रहेगा नया शेड्यूल
नई अनाज मंडी नारनौल में बाजरे की खरीद के लिए जारी संशोधित शेड्यूल सोमवार, 19 अक्टूबर से शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा।
इस दौरान अलग-अलग गांवों के किसानों की फसल खरीद के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।
मार्केट कमेटी के अनुसार, गांववार कार्यक्रम तैयार करने का उद्देश्य मंडी में एक ही दिन अत्यधिक संख्या में किसानों के पहुंचने की स्थिति से बचना है।
इस व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलने और खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने की उम्मीद है।
19 अक्टूबर को इन पांच गांवों के किसानों की होगी खरीद
संशोधित शेड्यूल के अनुसार, सोमवार 19 अक्टूबर को दौचाना, खत्रीपुर, खोडमा, किरारोद अफगान और कोजिदां गांवों के किसानों की बाजरे की फसल खरीदी जाएगी।
इस दिन के कार्यक्रम में दौचाना गांव को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
मार्केट कमेटी के अनुसार, दौचाना गांव का नाम पहले जारी शेड्यूल में शामिल नहीं था। अब संशोधित सूची में इस गांव को भी स्थान दिया गया है।
इससे संबंधित गांव के किसानों को अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचने की निर्धारित तारीख मिल गई है।
20 अक्टूबर को चार गांवों के किसानों का नंबर
मंगलवार, 20 अक्टूबर को कुलताजपुर, कुतबापुर, लहरोदा और लुतफपुर गांवों के किसानों की बाजरे की खरीद निर्धारित की गई है।
इन गांवों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे तय तारीख को ही अपनी उपज लेकर नई अनाज मंडी नारनौल पहुंचें।
निर्धारित शेड्यूल का पालन करने से मंडी में वाहनों की भीड़ कम रखने और किसानों को समय पर खरीद प्रक्रिया पूरी कराने में मदद मिल सकती है।
21 अक्टूबर को पांच गांवों के किसानों की खरीद
बुधवार, 21 अक्टूबर को महरमपुर, मकसूसपुर, मंढाणा, मंडलाना और मारोली गांवों के किसानों की बाजरे की फसल खरीदी जाएगी।
मार्केट कमेटी ने इन गांवों को एक दिन के कार्यक्रम में शामिल किया है।
किसानों के लिए जरूरी है कि वे मंडी जाने से पहले अपने गांव का नाम और निर्धारित तारीख की पुष्टि कर लें।
22 अक्टूबर को इन गांवों से आएगा बाजरा
गुरुवार, 22 अक्टूबर को मेई, मीरपुर, मित्रपुरा, मोहम्मदपुर हमीदखां और मुकन्दपुरा गांवों के किसानों की बाजरा खरीद होगी।
इस दिन भी पांच गांवों को खरीद कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
मंडी प्रशासन की ओर से गांववार खरीद व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य किसानों की फसल आवक को संतुलित रखना है।
23 और 24 अक्टूबर के लिए भी सूची जारी
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मुरारीपुर, नांगल काठा, नांगल शालु, नांगतिहाड़ी और नारनौल के किसानों की फसल खरीदी जाएगी।
वहीं शनिवार, 24 अक्टूबर को नसीबपुर, निवाजनगर, नूनी अव्वल, नूनी कलां और पटीकरा गांवों के किसानों की खरीद निर्धारित की गई है।
इस तरह संशोधित शेड्यूल के अंतर्गत छह दिनों में कुल 29 गांवों और क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
किसानों को भीड़ और लंबी कतारों से मिलेगी राहत
खरीफ सीजन के दौरान अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने पहुंचते हैं।
एक ही दिन अधिक वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने से मंडी के प्रवेश द्वार, तौल केंद्र और खरीद स्थलों पर भीड़ बढ़ सकती है।
ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए गांववार शेड्यूल उपयोगी साबित हो सकता है।
निर्धारित दिनों में फसल खरीद से मंडी कर्मचारियों को भी व्यवस्था संभालने में आसानी होने की उम्मीद है।
पहले भी खरीद व्यवस्था को लेकर सामने आई थीं परेशानियां
नारनौल की नई अनाज मंडी में अक्टूबर के शुरुआती दिनों में बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
13 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंडी में करीब 12,400 क्विंटल बाजरा पहुंचा था, लेकिन उस दिन हैफेड की ओर से सरकारी खरीद नहीं की गई थी।
इस दौरान किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
इसके अलावा खरीद में देरी को लेकर जिला प्रशासन ने भी नाराजगी जताई थी।
महेंद्रगढ़ जिला प्रशासन ने हैफेड की खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।
मंडी की व्यवस्थाओं का किया गया निरीक्षण
खरीद प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
14 अक्टूबर को एसडीएम महेश कुमार ने अनाज मंडी पहुंचकर फसल खरीद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था।
इस दौरान उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों और मंडी प्रधान से बातचीत की थी।
एसडीएम ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए किसानों की परेशानियों को दूर करने पर जोर दिया था।
किसानों से निर्धारित तारीख पर फसल लाने की अपील
मार्केट कमेटी के सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी नुकुल यादव ने किसानों से संशोधित शेड्यूल का पालन करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाए रखने के लिए किसान अपने गांव के लिए निर्धारित तारीख को ही फसल लेकर मंडी पहुंचें।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार रखें और आवश्यक पंजीकरण एवं खरीद संबंधी दस्तावेज साथ लेकर आएं।
इससे मंडी में खरीद प्रक्रिया पूरी कराने में सुविधा हो सकती है।
बाजरा उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
महेंद्रगढ़ जिले में बाजरा खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में शामिल है।
बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए बाजरे की खेती पर निर्भर हैं।
ऐसे में समय पर फसल की खरीद और उचित मूल्य मिलना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
हरियाणा में खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि, वास्तविक बिक्री व्यवस्था और भुगतान संबंधित सरकारी खरीद नियमों तथा पात्रता शर्तों के अनुसार होंगे।
नई व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया सुचारू होने की उम्मीद
मार्केट कमेटी द्वारा 19 से 24 अक्टूबर के लिए जारी संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य बाजरे की खरीद व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
अलग-अलग गांवों को निर्धारित दिन दिए जाने से किसानों की आवाजाही को नियंत्रित करने और मंडी पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
अब किसानों के लिए जरूरी है कि वे नए शेड्यूल के अनुसार अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचें।
मार्केट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में किसानों का सहयोग महत्वपूर्ण है।





