फरीदाबाद में प्रॉपर्टी आईडी में बड़ी गलती, FIR दर्ज करने का दबाव

Faridabad.फरीदाबाद। प्रॉपर्टी आईडी को लेकर नगर निगम की गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जब लोग अपनी आईडी सही करवाने के लिए जेडटीओ या क्लर्क के पास जा रहे हैं तो उन्हें कहा जा रहा है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाओ। साथ ही इस आईडी को डिलीट करवाओ और नई आईडी बनवाओ। ऐसे में लोग पूछ रहे हैं कि जब निगम ने प्रॉपर्टी आईडी में गलती की है तो वे थाने क्यों जाएं। साथ ही जब वे इतने सालों से आईडी पर प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे हैं। तो नई आईडी क्यों बनवाओ। निगम अधिकारी और कर्मचारी काम से बचने के लिए लोगों को बेवजह के सुझाव दे रहे हैं। जवाहर कॉलोनी में रहने वाली सर्वेश देवी ने निगम कमिश्नर को शिकायत देते हुए बताया कि वह पिछले 10 सालों से अपनी आईडी पर टैक्स भर रही हैं।
जब इस बार निगम की ओर से उन्हें वर्ष 2024-25 का बिल भेजा गया तो उसमें नाम और पता भी गलत लिखा हुआ था। इसे सही करवाने के लिए जब वह क्लर्क के पास पहुंची तो उसने कहा कि जाकर इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाओ। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत जेडटीओ पदम ढांडा से की। इस पर जेडटीओ ने कहा कि उन्हें नई आईडी बनवानी पड़ेगी। सर्वेश देवी ने कहा कि नई आईडी बनवाने के लिए उन्हें फिर से सभी दस्तावेज जमा करवाने पड़ेंगे। साथ ही निगम कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ेंगे। जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसी तरह जवाहर कॉलोनी में रहने वाले अजय ने भी अपनी आईडी में किसी और का पता लिखवा रखा था। जब उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित कर्मचारी से की तो उसने नई आईडी बनवाने का सुझाव दिया।
अभी तक 25 फीसदी आईडी ही सत्यापित- पूरे शहर में साढ़े छह लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। इसमें से अभी तक 25 फीसदी आईडी ही सत्यापित हो पाई हैं। आईडी सत्यापन के लिए निगम की ओर से रात में भी कैंप लगाए जा रहे हैं। लेकिन अनियमितताओं के चलते सत्यापन भी नहीं हो पा रहा है। शिकायत करने पर अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं। अगर कोई कर्मचारी लोगों से प्रॉपर्टी आईडी करेक्शन के लिए एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कह रहा है तो वे मेरे पास आकर अपनी शिकायत दे सकते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। जिन लोगों की आईडी में दिक्कत है, उनकी आईडी करेक्ट की जाएगी।-सलोनी शर्मा, अपर आयुक्त नगर निगमपूरे शहर में इतनी यूनिटआवासीय - 4.78 लाखऔद्योगिक - 46,332वाणिज्यिक - 16286कृषि भूमि - 4371खाली प्लॉट - 14752पेट्रोल पंप - 2498मिश्रित उपयोग - 52,164अन्य संस्थान - 52 हजारकुल प्रॉपर्टी आईडी - 6 लाख 66 हजारसत्यापित - केवल 2.60 लाख





