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ब्राह्मण समाज का बड़ा फैसला, दहेज पर पूरी तरह पाबंदी और मृत्यु भोज भी होगा बंद

Kavita2
3 Oct 2026 9:37 AM IST
ब्राह्मण समाज का बड़ा फैसला, दहेज पर पूरी तरह पाबंदी और मृत्यु भोज भी होगा बंद
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पलवल। हरियाणा के पलवल जिले में ब्राह्मण समाज ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में दहेज प्रथा, मृत्यु भोज और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं को खत्म करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। महापंचायत में दहेज लेने और देने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के साथ मृत्यु भोज जैसी परंपरा को बंद करने का निर्णय लिया गया। इन फैसलों को समाज में प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए गांव और सेक्टर स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी।

महापंचायत में पलवल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा ने की। महापंचायत में मंत्री गौरव गौतम और विधायक मूलचन्द शर्मा समेत करीब दो हजार लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में सामाजिक सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और समाज के लोगों से नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई।

महापंचायत में सबसे महत्वपूर्ण फैसला दहेज प्रथा को लेकर किया गया। समाज के लोगों ने तय किया कि शादी के दौरान न तो दहेज लिया जाएगा और न ही दिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य विवाह के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक और सामाजिक दबाव को कम करना है। बैठक में मौजूद लोगों ने इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत पर जोर दिया।

महापंचायत में कहा गया कि केवल प्रस्ताव पारित करने से सामाजिक बदलाव नहीं आएगा, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करना भी जरूरी है। इसी वजह से गांव और सेक्टर स्तर पर अलग-अलग कमेटियां बनाने का निर्णय लिया गया है। ये कमेटियां समाज के लोगों से संपर्क करेंगी और महापंचायत में लिए गए फैसलों का पालन सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगी।

दहेज के साथ मृत्यु भोज को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। समाज ने मृत्यु के बाद आयोजित किए जाने वाले भोज की परंपरा को बंद करने का फैसला किया है। महापंचायत में इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसी परंपराओं के कारण कई बार परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसलिए समाज के स्तर पर इसे खत्म करने की दिशा में सामूहिक पहल करने का निर्णय लिया गया।

महापंचायत में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई। समाज ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। अभियान के माध्यम से युवाओं और परिवारों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। गांव और शहरी क्षेत्रों में समाज के प्रतिनिधि लोगों से संपर्क कर नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया। महापंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी के सहयोग के बिना दहेज, नशा और दूसरी सामाजिक समस्याओं को पूरी तरह समाप्त करना आसान नहीं होगा। इसलिए युवाओं को अभियान से जोड़ने और उन्हें सामाजिक सुधार के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस महापंचायत में जिले के विभिन्न गांवों और शहरों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। बैठक में सामाजिक एकता बनाए रखने और समाज में फैली ऐसी परंपराओं को समाप्त करने पर चर्चा की गई, जिनसे परिवारों को आर्थिक या सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

महापंचायत में लिए गए फैसलों को केवल पलवल शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इन्हें जिले के गांवों और सेक्टरों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए बनने वाली कमेटियों में स्थानीय स्तर के लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ये कमेटियां अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को महापंचायत के निर्णयों की जानकारी देंगी।

दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए समाज की ओर से सामूहिक पहल को महत्वपूर्ण माना गया। महापंचायत में इस बात पर जोर दिया गया कि विवाह को दिखावे और आर्थिक लेन-देन से दूर रखा जाए। परिवार अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने के दबाव में न आएं और विवाह को सरल तरीके से संपन्न करने की दिशा में प्रयास किए जाएं।

इसी तरह मृत्यु भोज को बंद करने का फैसला भी आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। किसी परिवार में मृत्यु होने के बाद परिजन पहले से ही दुख की स्थिति में होते हैं। ऐसे समय में भोज आयोजित करने की परंपरा परिवार पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाल सकती है। इसे देखते हुए समाज ने सामूहिक रूप से इस परंपरा को बंद करने का निर्णय लिया।

महापंचायत में सामाजिक सुधार के साथ आपसी सहयोग और एकजुटता पर भी जोर दिया गया। समाज के लोगों से कहा गया कि वे इन फैसलों को व्यक्तिगत स्तर पर अपनाने के साथ दूसरों को भी इनके प्रति जागरूक करें। किसी भी सामाजिक बदलाव के लिए लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी को जरूरी बताया गया।

मंत्री गौरव गौतम और विधायक मूलचन्द शर्मा सहित करीब दो हजार लोगों की मौजूदगी के कारण महापंचायत में बड़ी भागीदारी देखने को मिली। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने के फैसले पर चर्चा की।

अब महापंचायत में लिए गए फैसलों को अमल में लाने के लिए गांव और सेक्टर स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। इन कमेटियों के माध्यम से दहेज नहीं लेने और देने, मृत्यु भोज बंद करने तथा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।

पलवल में आयोजित इस महापंचायत के बाद ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाएगा। दहेज और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को बंद करने के साथ नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समाज को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयास और स्थानीय कमेटियों की सक्रियता से इन फैसलों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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