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हरियाणा के विकास में आए बड़े बदलाव, CM सैनी ने बताई उपलब्धियां

Rajeshwari Nishad
1 Nov 2026 1:30 PM IST
हरियाणा के विकास में आए बड़े बदलाव, CM सैनी ने बताई उपलब्धियां
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार, 1 नवंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय हीरक जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की छह दशक की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने हरियाणा की पहचान मेहनती किसान, बहादुर जवान, शानदार खिलाड़ी और सशक्त महिलाओं से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपना और राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचना प्रदेश के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उनकी यात्रा उन सभी बेटियों के लिए हौसला बढ़ाने वाली है, जो जीवन में बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करती हैं। उन्होंने प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से राष्ट्रपति का स्वागत और अभिनंदन किया।
60 साल में पिछड़ेपन से प्रगति तक पहुंचा हरियाणा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था। आज प्रदेश अपने गठन के 60 वर्ष पूरे कर चुका है और इस अवसर को हीरक जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन सभी महान व्यक्तित्वों को नमन किया, जिन्होंने आधुनिक हरियाणा की नींव रखी।
सीएम ने कहा कि पिछले छह दशकों में हरियाणा ने पिछड़ेपन से प्रगति तक का लंबा सफर तय किया है। सीमित भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद प्रदेश ने राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हरियाणा देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान लगभग 3.6 प्रतिशत है।
उन्होंने औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बनने वाली हर तीन में से दो पैसेंजर कारों का उत्पादन हरियाणा में होता है। इसी तरह बासमती चावल के वैश्विक कारोबार में भी प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दुनिया की थाली तक पहुंचने वाली बासमती की खुशबू में हरियाणा का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है।
मेहनती किसान और बहादुर जवान हरियाणा की पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा की पहचान केवल आर्थिक और औद्योगिक उपलब्धियों से नहीं है, बल्कि यहां के मेहनती किसान, देश की रक्षा करने वाले बहादुर जवान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी प्रदेश की असली ताकत हैं।
उन्होंने खेलों में हरियाणा के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते, जबकि एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 32 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जब भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा ऊंचा लहराता है, उसमें हरियाणा की मिट्टी की मेहनत और प्रतिभा की खुशबू भी शामिल होती है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उपलब्धियों को भी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन, उद्योग और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उनकी सफलता प्रदेश की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति को भी उन्होंने बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
राष्ट्रपति ने छह दशक की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
हरियाणा दिवस के इस विशेष अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश की 60 वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें वर्ष 1966 में राज्य गठन से लेकर अब तक कृषि, हरित क्रांति, खेल, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों को दर्शाया गया।
प्रदर्शनी में हरियाणा के भविष्य की विकास योजनाओं और हरियाणा विजन 2047 की झलक भी प्रस्तुत की गई। इसमें यह बताने का प्रयास किया गया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश किन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
समारोह में करीब दो हजार लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इनमें युवा, महिलाएं, जनप्रतिनिधि, किसान, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, खिलाड़ी, उद्यमी, कलाकार और स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। इस तरह कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखने को मिली।
विकास के साथ संस्कार और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि हरियाणा आगे बढ़ने के साथ अपनी मूल पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश तरक्की के साथ इंसानियत, विकास के साथ भाईचारा और आधुनिकता के साथ अपने संस्कारों को कभी नहीं छोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि छह दशकों की यात्रा में प्रदेश ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है और अपनी मेहनत, सामूहिक प्रयासों तथा लोगों की भागीदारी से नई उपलब्धियां हासिल की हैं। आने वाले समय में भी हरियाणा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, खेल और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
कुरुक्षेत्र में आयोजित यह समारोह केवल स्थापना दिवस का आयोजन नहीं था, बल्कि हरियाणा की छह दशक की विकास यात्रा और भविष्य के संकल्पों को सामने रखने का अवसर भी रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी और मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच प्रदेश की उपलब्धियों, सामाजिक पहचान और विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
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