
Haryana हरियाणा : गुरुग्राम की लाइसेंस कॉलोनियों में आक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने में सामने आए कथित घोटाले के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की संयुक्त जांच के बाद जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) गुरुग्राम ने 15 आर्किटेक्ट्स को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है।
जांच में सामने आया है कि इन आर्किटेक्ट्स ने सेल्फ सर्टिफिकेशन नीति और हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसी इमारतों के लिए भी ओसी जारी कर दिए, जो अधूरी थीं, निर्माणाधीन थीं या जिनमें रहने योग्य स्थिति पूरी नहीं हुई थी। आरोप है कि कई मामलों में केवल ब्रिकवर्क के स्तर पर ही भवनों को पूर्ण बताकर ओसी जारी कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह गंभीर अनियमितता लंबे समय से चल रही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, जिसमें निजी आर्किटेक्ट्स को स्व-प्रमाणन के आधार पर ओसी जारी करने की अनुमति दी गई थी। इसी व्यवस्था के दुरुपयोग के चलते अधूरी इमारतों को भी कानूनी रूप से रहने योग्य घोषित कर दिया गया।
जिला नगर योजनाकार कार्यालय ने इन आर्किटेक्ट्स की सूची तैयार कर वरिष्ठ नगर योजनाकार को भेज दी है। साथ ही प्रारंभिक स्तर पर इन सभी आर्किटेक्ट्स द्वारा जमा की जा रही नई ओसी फाइलों को भी फिलहाल स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके कामकाज पर तत्काल प्रभाव पड़ा है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल तकनीकी अनियमितता नहीं है, बल्कि इसमें नियमों की जानबूझकर अनदेखी और संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने कई लाइसेंस कॉलोनियों का भौतिक निरीक्षण भी किया, जिसमें निर्माण की वास्तविक स्थिति और ओसी दस्तावेजों में दर्ज विवरण के बीच अंतर पाया गया।
इस कार्रवाई के बाद गुरुग्राम के रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल बढ़ गई है। बिल्डरों और आर्किटेक्ट्स के बीच अब यह आशंका जताई जा रही है कि आगे और भी मामलों की जांच हो सकती है और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन का कहना है कि ओसी जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके।
कुल मिलाकर, इस कार्रवाई को गुरुग्राम के शहरी विकास और भवन अनुमोदन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो नियमों के उल्लंघन पर सख्ती का संकेत देता है।





