Bhiwani: चांग माइनर में पानी को लेकर विवाद, सरपंच और ग्रामीणों में तीखी झड़प

चांग: गांव चांग के पाना गोलागढ़ी से चांग माइनर तक दूषित पानी की निकासी के लिए डाली जा रही पाइप लाइन का कार्य बुधवार को ग्रामीणों के विरोध के कारण रोक दिया गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंच गए तथा सरपंच के साथ काफी देर तक कहासुनी हुई। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर उपायुक्त भिवानी को इस कार्य को रुकवाने के लिए शिकायत भी दी है।
इसके विरोध में बुधवार को गांव चांग, ढाणी हरसुख और रिवाड़ीखेड़ा के ग्रामीण गांव चांग में एकजुट हुए। ग्रामीण विनोद चौहान, संजय, आलोक, रविंद्र कुमार, कपूर चौकीदार, विजय बागड़ी, दलीप राणा और हरपाल सिंह ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर पीने के पानी के स्रोत को दूषित नहीं होने देंगे। चांग से होकर जाने वाली नहर का पानी गांव रिवाड़ीखेड़ा में भी पहुंचता है और जलघर के माध्यम से घरों तक सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर चांग नहर में दूषित पानी डाला गया तो गांव रिवाड़ीखेड़ा में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने विभाग से इसे तुरंत बंद करवाने की मांग की है।
गांव चांग के पाना गोलागढ़ी से चांग नहर तक करीब 17 लाख रुपये की लागत से पाइप लाइन डाली जा रही है। गोलागढ़ी क्षेत्र का दूषित पानी नहर में डाला जाएगा जो सरासर गलत है। हमारी पंचायत और सिंचाई विभाग से मांग है कि वे इसे रोके।
सरपंच चांग को समस्त भाईचारे को साथ लेकर गांव में विकास कार्य करने चाहिए लेकिन सरपंच अपनी मनमर्जी से गलत कार्य कर रहा है। गांव का गंदा पानी नहर के बजाय ड्रेन में डाला जाए ताकि ग्रामीणों के पीने के पानी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
गांव चांग में बरसाती पानी निकालने के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों से एनओसी लेने का कार्य किया जा रहा है। लाइन वहीं से डाली जाएगी जहां से पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास किया गया है।





