भगवान दास की विसरा रिपोर्ट में जहर देकर मारने का हुआ खुलासा, हत्या का मामला दर्ज

रेवाड़ी क्राइम न्यूज़ अपडेटेड: शहर की हाई प्रोफाइल अमंगनी सोसायटी में रहने वाले भगवान सिंह की गत मार्च में हुई मौत सामान्य नहीं थी। विसरा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भगवान सिंह को जहर देकर मारा गया था। भगवान सिंह करोड़ों रुपए की संपत्ति का मालिक था, जिसे लेकर उसकी मौत के बाद जायदाद हथियाने की जंग तेज हो गई थी। कसोला पुलिस ने सोसायटी में रहने वाली भगवान सिंह की धर्म बहन राजबाला समेत 4 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। ल रूप से गुरूग्राम का रहने वाला भगवान सिंह कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। परिजनों के साथ अनबन होने के कारण वह अमंगनी सोसायटी में रहने वाली राजबाला के पास रहता था। राजबाला उसे धर्म भाई मानती थी। गत 7 भगवान सिंह की मौत हो गई थी। मौत के बाद जब शव को उसके परिजन हासिल करने के लिए पहुंचे, तो खुद को भगवान सिंह की धर्म बहन कहने वाली राजबाला ने पुलिस के समक्ष भगवान सिंह का वसीयतनामा पेश करते हुए खुद शव लेने का प्रयास किया। काफी जद्दोजहद के बाद शव उसके परिजनों को सौंपा गया। भगवान दास की मौत के बाद उसकी करोड़ों रुपए की जायजाद को लेकर विवाद बढ़ गया। वसीयत का दावा करने वाली राजबाला ने भगवान सिंह की संपत्ति पर अपना हक जताना शुरू कर दिया था। परिजन वसीयतनामे की सत्यता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे।
भगवान सिंह की कार अमंगनी सोसायटी की पार्किंग में खड़ी हुई थी। गत दिनों भगवान सिंह की बीवी आरसी अपने नाम कराने के बाद कार को ले गई थी, जिस पर राजबाला ने जमकर बवाल खड़ा किया था। राजबाला ने कार चोरी होने की शिकायत भी कसोला थाने में दर्ज कराई थी। भगवान सिंह की करोड़ों रुपए की संपत्ति को लेकर भी राजबाला और भगवान सिंह के परिजनों में घमासान रस्साकसी चल रही है। राजबाला वसीयत के आधार पर भगवान सिंह की बीमा राशि का लाभ भी खुद ले चुकी है। गुरूग्राम में भगवान सिंह के नाम करोड़ों रुपए के प्लॉट और मकान बताए गए हैं, जिन्हें वसीयत और रजिस्ट्री के आधार पर राजबाला कब्जा हासिल करने के लिए पूरा प्रयास कर रही थी।
विसरा रिपोर्ट ने बिगाड़ा खेल: पुलिस के अनुसार विसरा रिपोर्ट में यह बात साफ हो गई है कि भगवान सिंह की मौत सामान्य नहीं थी। उसे जहर देकर मारा गया था। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भगवान सिंह के भाई बीर सिंह के बयान पर राजबाला, सुनीता, रामा और बलजीत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या के मामले में कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावनाएं हैं।





