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Haryana हरियाणा: विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण ने बजट सत्र 2026 के दौरान प्रश्नकाल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए विशेष अवलोकन और दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल विधानसभा की पारदर्शिता और जिम्मेदार शासन सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और इसे और व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता है।
स्पीकर कल्याण ने अपने निर्देशों में विधायकों को सुझाव दिया कि वे प्रश्नों को स्पष्ट, संक्षिप्त और विषय-विशेष पर केंद्रित रखें, ताकि विभागीय अधिकारी सही और समयबद्ध उत्तर दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नों की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है, ताकि सवाल-जवाब का समय कुशलतापूर्वक उपयोग हो।
उन्होंने विधान परिषद और सचिवालय के अधिकारियों से कहा कि विधायकों को प्रश्न तैयार करने और उन्हें समय पर प्रस्तुत करने में आवश्यक सहायता दी जाए। इसके अलावा, प्रश्नकाल के दौरान अनुशासन बनाए रखने और सभी सांसदों को समान अवसर प्रदान करने पर जोर दिया गया।
स्पीकर ने यह भी उल्लेख किया कि प्रश्नकाल के प्रभाव को बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है, जिससे प्रश्नों की मॉनिटरिंग और उत्तरों का रिकॉर्ड रखना सरल होगा।
हरविंदर कल्याण ने यह संदेश दिया कि प्रश्नकाल केवल सवाल पूछने का समय नहीं, बल्कि यह जनता के लिए जिम्मेदार शासन और राजनीतिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का अवसर है। उन्होंने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि वे इस अवसर का सही उपयोग करें और हरियाणा विधानसभा की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाएं।
यह अवलोकन बजट सत्र 2026 के दौरान विधानसभा की कार्यक्षमता और राजनीतिक पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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