
हरियाणा के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र परमार ने हाल ही में यमुनानगर जिले के अमदलपुर गांव में स्थित 'सुघ' के प्राचीन टीले का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। यह जगह ऐतिहासिक रूप से बहुत अहम है, लेकिन लंबे समय से विवादों में भी रही है।
इस निरीक्षण के दौरान संरक्षण से जुड़ी अहम चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए स्थानीय स्तर पर जुड़े मुख्य लोग एक साथ आए। इनमें अमदलपुर ग्राम पंचायत के सरपंच लवेश कुमार, मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि, स्थानीय निवासी और 'द मैत्रेय ट्रस्ट' के संस्थापक सिद्धार्थ गौरी शामिल थे।
माना जाता है कि सुघ का टीला प्राचीन शहर 'स्रुघ्न' की जगह है और भारतीय पुरातत्व व विश्व इतिहास में इसका खास स्थान है। मशहूर ब्रिटिश पुरातत्वविद् सर अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1862-84 के दौरान इस जगह का दौरा किया था। उन्होंने इसका नक्शा बनाया और इसकी शानदार रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण इसे अपने करियर की सबसे बेहतरीन जगहों में से एक बताया। त्रिकोणीय आकार का यह टीला तीन तरफ से पुरानी यमुना नदी से सुरक्षित था और चौथी तरफ कृत्रिम जलाशय थे, जिससे इस इलाके को सुरक्षा के लिहाज से बहुत मजबूत स्थिति मिलती थी।





