
Haryana हरियाणा: अरावली के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अवैध निर्माण का विरोध करना वन विभाग के अधिकारियों को भारी पड़ गया। हरियाणा के सूरजकुंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अनंगपुर गांव में अवैध टिन शेड के निर्माण को रोकने पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट की गई। इस घटना में वन दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि अरावली के संरक्षित और प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अवैध रूप से टिन शेड का निर्माण किया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन की इस सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को रोकने का प्रयास किया। लेकिन जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद तेजी से बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद आरोपितों ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान वन दरोगा की सरकारी वर्दी भी फाड़ दी गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
आरोप है कि हमलावरों ने अधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सूरजकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने मामले में पिता-पुत्र के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अरावली क्षेत्र एक संरक्षित वन क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए टीम को भेजा गया था।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने के समान हैं। उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अनंगपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई जगहों पर अवैध निर्माण को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी है। अरावली क्षेत्र में भूमि उपयोग और निर्माण को लेकर समय-समय पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद अवैध गतिविधियों के मामले सामने आते रहते हैं।
इस घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और कहा है कि वन क्षेत्र की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह की हिंसक घटनाएं प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि संरक्षित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण रोकने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।





