
गुरुग्राम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सेवा संकल्प कार्यक्रम के कारण बुधवार सुबह गुरुग्राम में कई प्रमुख मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बन गई। दक्षिण हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और झज्जर जिलों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुरुग्राम पहुंचे। इससे शहर की सड़कों और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया।
लेजर वैली पार्किंग क्षेत्र में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के लिए सुबह से ही वाहनों का आना शुरू हो गया था। अलग-अलग जिलों से बसों, कारों और अन्य वाहनों में लोग कार्यक्रम स्थल की ओर पहुंचने लगे। वाहनों की संख्या बढ़ते ही शहर के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई।
सुबह करीब दस बजे तक दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सोहना रोड, राजीव चौक, इफको चौक और सिग्नेचर टावर के आसपास भी जाम की स्थिति गंभीर हो गई। वाहन चालकों को कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में सामान्य से काफी अधिक समय लगने लगा।
शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। कई जगह गाड़ियां बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती रहीं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज जाने वालों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाली बसों और निजी वाहनों की संख्या अधिक होने से पार्किंग क्षेत्रों के आसपास दबाव और बढ़ गया। लेजर वैली पार्किंग की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस और यातायात कर्मियों को वाहनों को व्यवस्थित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दक्षिण हरियाणा के कई जिलों से लोगों को कार्यक्रम तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में वाहनों की व्यवस्था की गई थी। सुबह जैसे-जैसे इन वाहनों का गुरुग्राम में प्रवेश बढ़ा, मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव भी बढ़ता गया।
दिल्ली-जयपुर हाईवे गुरुग्राम का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। सामान्य दिनों में भी सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है। बुधवार को कार्यक्रम में आने वाले अतिरिक्त वाहनों ने स्थिति और कठिन कर दी।
इफको चौक और सिग्नेचर टावर के आसपास कार्यालय क्षेत्रों की संख्या अधिक है। सुबह के समय यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचते हैं। कार्यक्रम के वाहनों और नियमित ट्रैफिक के एक साथ आने से इन क्षेत्रों में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
राजीव चौक पर भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। सोहना रोड से आने वाले वाहनों के साथ दिल्ली-जयपुर हाईवे का यातायात जुड़ने के कारण यहां वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। पुलिसकर्मी लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।
जाम का असर केवल कार्यक्रम स्थल के आसपास तक सीमित नहीं रहा। शहर के भीतर जाने वाली कई संपर्क सड़कों पर भी दबाव बढ़ गया। मुख्य मार्गों पर जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों की ओर मुड़े, जिससे अंदरूनी सड़कों पर भी भीड़ बढ़ गई।
सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। कई लोगों को अपने निर्धारित समय से पहले घर से निकलने के बावजूद गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। कैब और निजी वाहनों में यात्रा कर रहे लोगों को भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
यातायात पुलिस ने कार्यक्रम को देखते हुए पहले से कई जगह कर्मचारियों की तैनाती की थी। इसके बावजूद एक साथ बड़ी संख्या में वाहन पहुंचने से व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना। पार्किंग क्षेत्र के आसपास वाहनों को अलग-अलग दिशाओं में मोड़ने और खड़ा कराने की प्रक्रिया के कारण भी कई स्थानों पर वाहनों की गति धीमी रही।
कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण लेजर वैली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। वाहनों की जांच और निर्धारित पार्किंग में प्रवेश के चलते कुछ मार्गों पर वाहनों को रुकना पड़ा, जिससे पीछे तक कतारें लग गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े राजनीतिक और सरकारी कार्यक्रमों के दौरान गुरुग्राम की यातायात व्यवस्था पर काफी दबाव पड़ता है। शहर में पहले से ही वाहनों की संख्या अधिक है और यदि बाहर से बड़ी संख्या में बसें और कारें पहुंचती हैं तो कुछ ही समय में मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है।
बुधवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल की ओर लोगों का आना शुरू हो गया था और दस बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो चुका था।
फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और झज्जर से आने वाले वाहनों का दबाव अलग-अलग प्रवेश मार्गों पर दिखाई दिया। शहर में प्रवेश करने के बाद ये वाहन कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े, जिससे प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ा।
शहर के सामान्य यातायात के साथ कार्यक्रम से जुड़े वाहनों के कारण कई जगह स्थिति ऐसी बनी कि गाड़ियां कुछ-कुछ दूरी तय कर रुकती रहीं। दोपहिया वाहन चालक भी जाम से निकलने के लिए रास्ता तलाशते दिखाई दिए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन का मुख्य जोर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभालने पर रहा। पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों ने कई स्थानों पर वाहनों को व्यवस्थित करने और जाम कम करने की कोशिश की।
सुबह के व्यस्त समय में पैदा हुई इस स्थिति ने एक बार फिर गुरुग्राम में बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती को सामने रखा है। खासकर दिल्ली-जयपुर हाईवे, सोहना रोड, इफको चौक, राजीव चौक और सिग्नेचर टावर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कुछ ही समय में काफी बढ़ जाता है।
फिलहाल कार्यक्रम के कारण सुबह के समय बना भारी यातायात दबाव शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बना। विकसित भारत संकल्प सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, जबकि इसके चलते गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कों पर लंबे समय तक वाहन रेंगते नजर आए।





