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पंजोखरा साहिब विवाद में मंड पर आरोप, हमले में 4 घायल

Kavita2
9 Aug 2026 10:42 AM IST
पंजोखरा साहिब विवाद में मंड पर आरोप, हमले में 4 घायल
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अंबाला। हरियाणा के अंबाला स्थित पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे के पास इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले के एक दिन बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। घटना के बाद सिख समुदाय के कुछ नेताओं ने मंड पर गुरुद्वारे के नियमों का पालन नहीं करने और संगत को कथित तौर पर भड़काने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को गुरुद्वारे के पास कुछ लोगों ने मंड पर हमला कर दिया था। इस दौरान वह घायल हो गए और उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। घटना में मंड के बेटे और सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में पहुंचे हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंड लंबे समय से समुदाय को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं और इससे संगत में नाराजगी पैदा होती है।

गुरुद्वारे के बाहर जुटी थी श्रद्धालुओं की भीड़

जगदीश सिंह झिंडा के अनुसार, घटना के समय गुरपर्व के कारण पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। भीड़ को देखते हुए वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता बंद किया गया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद गुरसिमरन सिंह मंड कार से वहां पहुंचे।

झिंडा ने कहा कि मंड गुरुद्वारे के अंदर नहीं गए और करीब 15 मिनट तक अपनी कार में बैठे रहे। उनके मुताबिक, इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारे में लागू नियमों का पालन करने से भी इनकार किया। हालांकि, घटना को लेकर मंड की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।

गुरुद्वारे के आसपास धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए जाते हैं। ऐसे में घटना के समय वाहनों की आवाजाही को लेकर विवाद की स्थिति बनने की बात कही जा रही है।

हमले में कई लोग घायल

शुक्रवार को पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे के पास हुए हमले में गुरसिमरन सिंह मंड घायल हुए। उनकी कार को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के दौरान उनके बेटे और सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है।

हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की। घटना के पीछे क्या कारण था और हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मंड को लेकर पहले भी विवाद

गुरसिमरन सिंह मंड को लेकर सिख समुदाय के भीतर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। वह खुद को खालिस्तानी गतिविधियों के विरोध में सक्रिय नेता के तौर पर पेश करते हैं और कई मौकों पर खालिस्तान समर्थक संगठनों तथा नेताओं के खिलाफ बयान देते रहे हैं।

सिख समुदाय के कुछ वर्गों में उनके बयानों को लेकर असहमति रही है। पंजोखरा साहिब की घटना के बाद एक बार फिर उनके बयानों और गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई है।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने भी मंड के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंड के बयान संगत को भड़काने वाले होते हैं। हालांकि, ये आरोप झिंडा के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

धार्मिक स्थल की मर्यादा को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद गुरुद्वारे की मर्यादा और नियमों के पालन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। धार्मिक स्थलों पर बड़े आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन की ओर से कई तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं।

गुरपर्व के अवसर पर पंजोखरा साहिब में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में वाहनों की आवाजाही पर रोक और पार्किंग से जुड़े प्रबंध किए गए थे। आरोप है कि इसी दौरान मंड के वहां पहुंचने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हुई।

झिंडा ने कहा कि गुरुद्वारे के नियम सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए समान हैं तथा किसी को भी इन नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

पुलिसकर्मियों के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मंड की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन भीड़ के बीच हमला होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुलिस के सामने अब घटना की परिस्थितियों की जांच करने के साथ-साथ यह पता लगाने की चुनौती है कि हमला किस वजह से हुआ और इसमें कितने लोग शामिल थे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि घटना से पहले वहां क्या स्थिति बनी थी और विवाद किस बिंदु पर हिंसक हुआ।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

पंजोखरा साहिब के पास हुई घटना को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और आरोपों के आधार पर ही अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। जहां सिख समुदाय के कुछ नेताओं ने मंड पर गुरुद्वारे के नियमों का पालन नहीं करने और संगत को कथित रूप से भड़काने का आरोप लगाया है, वहीं हमले की घटना अपने आप में गंभीर मामला है।

किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार थे।

पंजोखरा साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयानों से इस पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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