
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के कोसली क्षेत्र स्थित एक स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र के साथ कथित रूप से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर अध्यापक ने छात्र की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद छात्र के हाथ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दिए, जिसके बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
परिजनों का आरोप है कि छात्र को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसके शरीर पर कई जगह नीले निशान पड़ गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्कूल पहुंचकर नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
बीमारी के कारण 15 दिन से नहीं गया था स्कूल
जानकारी के अनुसार, कोसली क्षेत्र के एक स्कूल में पढ़ने वाला छात्र मयंक पिछले करीब 15 दिनों से बीमारी के कारण स्कूल नहीं जा पा रहा था। बीमारी के चलते उसने छुट्टी ली हुई थी।
स्वस्थ होने के बाद जब वह दोबारा स्कूल पहुंचा तो अध्यापक ने उससे होमवर्क पूरा नहीं करने को लेकर सवाल किया। छात्र के परिजनों के मुताबिक, बीमारी के कारण वह समय पर अपना काम पूरा नहीं कर पाया था।
आरोप है कि इसी बात को लेकर अध्यापक नाराज हो गए और उन्होंने छात्र की कथित तौर पर पिटाई कर दी।
शरीर पर मिले चोट के निशान
परिजनों के अनुसार, पिटाई के बाद छात्र के हाथ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दिए। परिवार का कहना है कि छात्र के शरीर पर करीब 10 स्थानों पर चोट के निशान हैं।
घटना के बाद छात्र ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और पुलिस को शिकायत दी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्र के साथ अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोपी अध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्र और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही स्कूल प्रबंधन और संबंधित अध्यापक से भी पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और छात्र के साथ किस तरह का व्यवहार किया गया।
जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्कूल प्रबंधन से मांगी जा सकती है जानकारी
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि स्कूल में छात्रों के साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए क्या नियम हैं और क्या किसी शिक्षक ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया है।
शिक्षा विभाग भी मामले पर नजर रख सकता है। यदि जांच में शिक्षक की गलती सामने आती है तो विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना है।
अभिभावकों ने जताई नाराजगी
छात्र के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि शिक्षक का काम बच्चों को शिक्षा देना और सही मार्गदर्शन करना है, न कि इस तरह से शारीरिक दंड देना।
परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।
स्कूलों में शारीरिक दंड पर उठते रहे हैं सवाल
स्कूलों में बच्चों के साथ मारपीट और शारीरिक दंड के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए सकारात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
शारीरिक दंड से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से स्कूलों में छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने पर जोर दिया जाता है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र में सामने आए इस मामले की जांच जारी है। पुलिस छात्र के आरोपों, परिजनों की शिकायत और स्कूल पक्ष के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
अगर जांच में छात्र के साथ मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अध्यापक के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, स्कूल प्रशासन से भी जवाब मांगा जा सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के तरीकों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।





