
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में 3 अक्टूबर का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की अगुवाई में पार्टी के सभी विधायक दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ यह बैठक दोपहर करीब 3 बजे प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश भाजपा की ओर से विधायकों को समय से दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकात से पहले सभी भाजपा विधायक दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में एकत्र होंगे। दोपहर करीब 2 बजे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ विधायकों का लंच प्रस्तावित है। इसके बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक एक साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे।
एक साथ सभी विधायकों की प्रधानमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात को सरकार और संगठन के बीच समन्वय के नजरिये से अहम माना जा रहा है। हालांकि बैठक के औपचारिक एजेंडे की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग संभावनाएं जताई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हाल के महीनों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार सैनी ने 27 अगस्त 2026 को भी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इससे पहले 2 अप्रैल को भी दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई थी।
इस बार अंतर इतना है कि मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के सभी विधायक भी प्रधानमंत्री से मिलेंगे। इसलिए इस बैठक को केवल शिष्टाचार मुलाकात तक सीमित मानने के बजाय संगठन और सरकार से जुड़े व्यापक संवाद के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
हरियाणा भाजपा की कमान इस समय डॉ. अर्चना गुप्ता के हाथ में है। उन्होंने जून 2026 में प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाला था। उस समय मुख्यमंत्री सैनी ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष सरकार, संगठन और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। अर्चना गुप्ता ने भी संगठन को गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक मजबूत करने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पिछले कुछ समय से लगातार पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों में एक साथ दिखाई दे रहे हैं। 22 सितंबर को पंचकूला में आयोजित भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यक्रम में भी दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भी उल्लेख किया था।
प्रदेश भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। पार्टी के अनुसार इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाना तथा कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क से जोड़ना है। 3 अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक इसी अभियान के बीच होने जा रही है।
हरियाणा में भाजपा सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर पिछले कुछ महीनों से विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सैनी अलग-अलग अवसरों पर मंत्रियों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें करते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व भी विधायकों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जनता से सीधा संपर्क बनाए रखने के निर्देश देता रहा है।
ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक मुलाकात के दौरान विधायकों को राज्य से जुड़े विकास कार्यों, केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर संवाद का अवसर मिल सकता है। हालांकि कौन से विषय औपचारिक रूप से बैठक के एजेंडे में होंगे, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है।
हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार चला रही है। ऐसे में सरकार के कामकाज और संगठन की मजबूती दोनों को समान रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व के सामने एक तरफ प्रशासनिक योजनाओं को तेजी से लागू करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और विधायकों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर है।
डॉ. अर्चना गुप्ता के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा संगठन में कई स्तरों पर बैठकें और अभियान चलाए गए हैं। मुख्यमंत्री सैनी भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सरकार और संगठन मिलकर काम करें। सितंबर में उन्होंने कहा था कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार, संगठन और समाज को एक साथ जोड़ने की कोशिश है।
3 अक्टूबर को पहले हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री के साथ विधायकों का लंच और उसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है। इससे पार्टी नेतृत्व को विधायकों के साथ सामूहिक संवाद का भी अवसर मिलेगा।
हरियाणा भवन दिल्ली में प्रदेश सरकार और राजनीतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहता है। मुख्यमंत्री सैनी यहां पहले भी जनसुनवाई और बैठकों में हिस्सा लेते रहे हैं। 9 सितंबर को भी उन्होंने हरियाणा भवन में लोगों की शिकायतें सुनी थीं।
राजनीतिक दृष्टि से सामूहिक बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रधानमंत्री से सभी विधायकों की एक साथ मुलाकात सामान्य तौर पर रोजमर्रा का कार्यक्रम नहीं होती। ऐसे में पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक उत्साह बढ़ाने और विधायकों से सीधे संवाद के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री विधायकों से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की स्थिति तथा संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ले सकते हैं। हालांकि बैठक समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक रूप से किन विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अर्चना गुप्ता के लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण होगी। दोनों नेता पिछले कुछ समय से प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और सरकारी योजनाओं के प्रचार पर जोर दे रहे हैं।
फिलहाल प्रदेश भाजपा ने सभी विधायकों को 3 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की तैयारी रखने को कहा है। दोपहर 2 बजे हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री के साथ लंच और करीब 3 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात के बाद पार्टी की आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक प्राथमिकताओं को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।





