तीन घंटे बैठक के बाद HSGPC की कमान जगदीश सिंह झींडा को दी गयी उसके बाद अकाल पंथक मोर्चा ने किया वॉकआउट

Kurukshetra.कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) की शुक्रवार को बुलाई गई आम बैठक में अलग कमेटी की मांग उठाने वाले जगदीश सिंह झिंडा को प्रधान नियुक्त किया गया। एचएसजीएमसी के प्रधान पद व कार्यकारिणी के गठन को लेकर करीब तीन घंटे चली बैठक में जैसे ही अस्थाई प्रधान ने प्रधान की नियुक्ति के लिए वोट करने से इनकार किया तो अकाल पंथक मोर्चा के सदस्य बैठक से बाहर चले गए। उन्होंने लोकतंत्र की हत्या व तानाशाही का आरोप लगाया। इसके विरोध में उन्होंने न्यायिक आयोग व कोर्ट में जाने की बात कही है। मोर्चा के बाहर जाने के बाद गुरमीत सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गुरबीर सिंह को उपाध्यक्ष, अंग्रेज सिंह को महासचिव व बलविंदर सिंह को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया। करनैल सिंह निमनाबाद, पलविंदर सिंह दर्द, कुलदीप सिंह मुल्तानी, रूपिंदर सिंह पंजोखरा, जगतार सिंह मान व तजिंदरपाल सिंह को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया है। कमेटी के अस्थायी सदस्य जोगा सिंह ने बताया कि आम बैठक में 49 सदस्यों में से 48 सदस्य उपस्थित रहे।
इनमें से केवल एक सदस्य बीबी जसबीर कौर मसाना अनुपस्थित रहीं। बैठक में एचएसजीएमसी सदस्य मेजर सिंह ने प्रधान पद के लिए जगदीश सिंह झिंडा के नाम की घोषणा की। दूसरे गुट के थानेसर से सदस्य हरमनप्रीत सिंह ने प्रधान पद के लिए प्रकाश सिंह साहुवाल के नाम की घोषणा की। इसके बाद वोटिंग की मांग की गई। अस्थायी अध्यक्ष जोगा सिंह ने बताया कि जगदीश सिंह झिंडा के प्रधान बनने पर 30 सदस्यों ने सहमति जताई। वहीं अकाल पंथक मोर्चा ने भी 19 सदस्यों को बैठक छोड़कर साथ आने को कहा है। नवनियुक्त प्रधान ने कहा कि यह उनके लंबे संघर्ष का नतीजा है। नवनियुक्त प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि उन्होंने अलग कमेटी के लिए 22 साल संघर्ष किया है। आज कमेटी सदस्यों ने उनके संघर्ष को देखते हुए सर्वसम्मति से उन्हें प्रधान बनाया है। एसजीपीसी की पहली कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से गठन हुआ, आज एचएसजीएमसी की पहली कमेटी का भी सर्वसम्मति से गठन हुआ है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने शुरू से ही हरियाणा कमेटी के अस्तित्व में कई बाधाएं खड़ी की हैं।
उन्होंने कहा कि आज सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन्हें कमान सौंपी है। जब तक वे अध्यक्ष रहेंगे, वे कमेटी की गाड़ी और ड्राइवर भी नहीं लेंगे। वे पूरी ईमानदारी से सेवा करेंगे। इसके बाद वे एचएसजीएमसी मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कार्यभार संभाला। पंथक मोर्चा ने कहा लोकतंत्र की हत्या हुई है अकाल पंथक मोर्चा के मुख्य दावेदार प्रकाश सिंह साहूवाल बैठक छोड़कर बाहर आए और कहा कि लोकतंत्र की हत्या हुई है। बल प्रयोग करके बिना मतदान के कार्यकारिणी का गठन किया गया है। उन्हें वोट देने का अधिकार है। उनके साथ 19 सदस्य बैठक छोड़कर चले गए हैं। वे इसके विरोध में न्यायिक आयोग और कोर्ट जाएंगे। हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि अस्थायी अध्यक्ष जोगा सिंह ने पहले मतदान के लिए सहमति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल पर किसी से बात करने के बाद मना कर दिया। इ बात ठीक नै अछि।





