डाॅक्टर से 2.71 लाख ऐंठने का आरोप, योग ट्रेनर को मिली बेल

पंचकूला। पंचकूला में डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाकर कथित तौर पर 2.71 लाख रुपये ऐंठने के मामले में आरोपित महिला योग ट्रेनर अनितिका विज को जिला अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है, हालांकि जमानत देते समय कई सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं।
जिला अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपित महिला किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करेगी, मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी और प्रत्येक सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित रहेगी। अदालत ने कहा कि इन शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत रद्द की जा सकती है।
मामला पंचकूला के सेक्टर-20 थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस ने चिकित्सक विनय मोहन गुप्ता की शिकायत के आधार पर 25 अप्रैल को महिला योग ट्रेनर अनितिका विज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि महिला ने उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया और उनसे पैसे वसूले।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में डॉक्टर विनय मोहन गुप्ता की पहचान अनितिका विज से हुई थी। उस समय डॉक्टर ताऊ देवी लाल स्टेडियम में व्यायाम करने जाते थे, जहां उनकी मुलाकात सेक्टर-21 में योग केंद्र चलाने वाली अनितिका विज से हुई। इसके बाद उन्होंने करीब दो महीने तक उसके योग केंद्र में प्रशिक्षण लिया।
पुलिस शिकायत में आरोप लगाया गया कि पहचान बढ़ने के बाद महिला ने डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया और बाद में कथित तौर पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि दबाव बनाकर डॉक्टर से करीब 2.71 लाख रुपये की रकम ली गई। इसके बाद डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपित महिला से पूछताछ की और जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान महिला ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपित पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए दलील दी कि जांच में सहयोग किया जा रहा है और हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है।
वहीं, पुलिस पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपित महिला को सशर्त जमानत देने का फैसला किया।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी सुनिश्चित किया कि मुकदमे की प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसलिए आरोपित को निर्देश दिया गया है कि वह अदालत की सभी तारीखों पर उपस्थित रहेगी और किसी भी प्रकार से गवाहों या जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगी।
हनीट्रैप से जुड़े मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर लोगों को भावनात्मक या निजी संबंधों के जरिए फंसाकर उनसे पैसे की मांग करते हैं। पुलिस लोगों से भी अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत कानून की मदद लें।
फिलहाल पंचकूला पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है। अदालत के निर्देशों के अनुसार आरोपित महिला को जमानत पर रिहा किया गया है और अब मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।





