हिसार-हांसी डिपो में टायरों का संकट, बस सेवाओं पर पड़ा असर

हिसार: हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो और हांसी सब डिपो में टायरों की कमी के चलते 50 से अधिक बसें खड़ी हैं। वहीं, रिपेयर और रखरखाव के अभाव में कई वातानुकूलित बसें भी डिपो में खड़ी होने से यात्रियों को विभिन्न रूटों पर एसी बसों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ ने इस स्थिति पर रोष जताते हुए सरकार और विभागीय अधिकारियों से समस्या का समाधान करने की मांग की है।
डिपो प्रधान जोगेन्द्र पंघाल और सचिव सलीम ने गुरुवार को कहा कि हिसार डिपो और हांसी सब डिपो में टायरों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। दोनों डिपो में 50 से अधिक बसें टायरों के अभाव में खड़ी हैं। यदि टायरों की उचित व्यवस्था की जाए तो इन बसों को भी रूटों पर चलाया जा सकता है, जिससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हिसार डिपो का टायर रिसोल प्लांट पिछले करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। नए टायरों की खरीद नहीं हो रही और पहले संचालित रिसोल प्लांट भी बंद कर दिए गए हैं। इन प्लांटों के लिए जरूरी सामान तक नहीं खरीदा जा रहा। इसके चलते स्थिति यह हो गई है कि एक बस के पिछले दो टायरों में से एक टायर खोलकर दूसरी बस में लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिपो में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बसों की कमी के कारण रूटों पर चल रही अन्य बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। इससे कई बार यात्रियों और चालकों-परिचालकों के बीच विवाद की नौबत आ जाती है, जबकि इसके लिए चालकों और परिचालकों का कोई कसूर नहीं है।
जोगेन्द्र पंघाल व सलीम ने बताया कि डिपो से कई रूटों पर एसी बसें भी चलाई जा रही हैं, लेकिन पिछले कई दिनों से इनमें से कई बसें रिपेयर और सर्विस के अभाव में खड़ी हैं। संबंधित कंपनी इन बसों को मरम्मत और सर्विस के लिए नहीं ले जा रही। इस कारण इन्हें रूटों पर नहीं भेजा जा रहा है और यात्रियों को एसी बसों की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और विभागीय अधिकारी अपनी नीतियों के चलते परिवहन विभाग को लगातार सिकोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसका खामियाजा आम जनता, विशेषकर विद्यार्थियों और पास धारकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के साथ-साथ विभाग के हितों को लेकर साझा संघर्ष समिति की ओर से हिसार डिपो में आंदोलन किया जा रहा है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।





