
हिसार: हिसार मिलिट्री कैंट में तैनात भारतीय सेना के एक जवान को मैट्रीमोनियल ऐप के जरिए शादी का झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को ब्रिटेन की रहने वाली युवती बताकर जवान से संपर्क किया और बाद में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इस तरह जवान और उसके साथी के खातों से करीब सात लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। ऐप पर निवेश के बदले करीब 50 लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया, लेकिन रकम निकालने का प्रयास करने पर पैसे नहीं मिले। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना हिसार में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मैट्रीमोनियल ऐप पर हुई थी पहचान
पुलिस को दी शिकायत में तमिलनाडु निवासी 32 वर्षीय जवान धनराज ने बताया कि वह वर्तमान में हिसार मिलिट्री कैंट में तैनात है। करीब डेढ़ महीने पहले उसने संगम मैट्रीमोनियल ऐप डाउनलोड किया था। प्रोफाइल बनाने के बाद उसके पास एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश आया। बातचीत करने वाली युवती ने अपना नाम सारान्या बताया और खुद को ब्रिटेन के ग्रीनिच का निवासी बताया।
शिकायत के अनुसार, धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और शादी की बात आगे बढ़ने लगी। दोनों पक्षों के परिजनों ने भी कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए बातचीत की और शादी के लिए सहमति जताई। जवान ने दो नवंबर को छुट्टी लेकर चेन्नई जाने और शादी की तारीख तय करने की योजना बनाई थी।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप में करवाया निवेश
आरोप है कि शादी की बात तय होने के बाद युवती ने खर्च का हवाला देते हुए जवान को साथ मिलकर ट्रेडिंग का कारोबार करने का सुझाव दिया। जवान के राजी होने पर उसे एक लिंक भेजा गया, जिसके जरिए लूनो एक्सचेंज ऐप और लूनो टीम-3020 नाम का व्हाट्सएप ग्रुप खुला। ग्रुप में पीटर विलियम्स नाम का एडमिन ट्रेडिंग से जुड़े निर्देश देने लगा।
शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में जवान ने 10 हजार और 20 हजार रुपये निवेश किए। ऐप पर मुनाफा दिखाया गया और उसे कुछ रकम निकालने भी दी गई, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उसने 10 सितंबर से 21 सितंबर के बीच अपने बैंक खाते से 3 लाख 31 हजार 760 रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा अपने साथी जवान सर्वेश बरन के खाते से भी करीब तीन लाख रुपये इस ऐप में जमा करवाए। इस तरह कुल रकम लगभग सात लाख रुपये हो गई।
ऐप पर दिखाए 50 लाख रुपये, निकासी नहीं हुई
जवान के अनुसार, निवेश के बाद ऐप पर 53,093 यूएसडीटी का बैलेंस दिखने लगा, जिसकी शिकायत में बताई गई भारतीय मुद्रा के हिसाब से कीमत करीब 50 लाख 43 हजार रुपये थी। जब उसने इस रकम को अपने बैंक खाते में निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी।
इसके बाद जब उसने सारान्या और पीटर से संपर्क किया, तो कथित तौर पर उससे और पैसे जमा करने की मांग की गई। रकम नहीं निकलने और अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर जवान को ठगी का संदेह हुआ।
पंचकूला से हिसार साइबर थाने पहुंचा मामला
पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और पंचकूला साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अब मामला हिसार साइबर थाने में स्थानांतरित हो गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है।





