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हरियाणा में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए बनेगी नई व्यवस्था

Admindelhi1
27 Oct 2026 9:36 AM IST
हरियाणा में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए बनेगी नई व्यवस्था
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भ्रष्टाचार के खिलाफ हरियाणा सरकार का कदम, विभागों में होंगे नोडल अधिकारी

चंडीगढ़: हरियाणा में भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच और सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रत्येक विभाग और कार्यालय को एक राजपत्रित अधिकारी नामित करना होगा, जो राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से मांगी जाने वाली जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होगा। मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी विभागों और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान समयबद्ध और व्यवस्थित बनाना है। संबंधित अधिकारी को ब्यूरो की ओर से मांगी गई जानकारी लिखित संवाद के माध्यम से उपलब्ध करानी होगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि जहां तक संभव हो, लिखित अनुरोध मिलने के 48 घंटे के भीतर जानकारी भेज दी जाए।

सरकार ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। यह विवरण हरियाणा सरकार के सतर्कता विभाग के साथ-साथ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को भी भेजना होगा। निर्देश प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, सरकारी बोर्डों-निगमों के प्रबंध निदेशकों और प्रदेश के विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को जारी किए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विभाग में नामित नोडल अधिकारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से समन्वय स्थापित करेगा। ब्यूरो की ओर से मांगी गई जानकारी संबंधित विभाग से जुटाकर नियमानुसार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इसी अधिकारी की होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि सूचनाओं के लिए अलग-अलग स्तरों पर बार-बार संपर्क करने की जरूरत कम हो और संबंधित जानकारी समय पर मिल सके।

इसके दायरे में राज्य सरकार के सभी विभागों के अलावा मंडल और जिला प्रशासन, विश्वविद्यालय, सरकारी बोर्ड तथा निगम भी शामिल हैं। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी पत्र भेजा गया है।

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