हरियाणा

70 गायों को लेकर वन विभाग पर आरोप किसान धरने पर

Kavita2
31 Aug 2026 11:48 AM IST
70 गायों को लेकर वन विभाग पर आरोप किसान धरने पर
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हरियाणा: साढौरा में रविवार देर शाम वन विभाग कार्यालय के बाहर किसानों ने धरना शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी के नेतृत्व में किसानों ने वन विभाग पर चरवाहों की करीब 70 गायों को घंटों तक भूखा-प्यासा कार्यालय परिसर में बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया।

किसानों का कहना था कि गायों को दोपहर करीब 2 बजे से वन विभाग कार्यालय परिसर में रोका गया था। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और उन्होंने वन विभाग कार्यालय के गेट पर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया।

करीब साढ़े तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रात लगभग साढ़े 10 बजे गायों को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त किया।

किसानों ने लगाए गंभीर आरोप

भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि वन विभाग के कर्मचारियों ने चरवाहों की लगभग 70 गायों को कार्यालय परिसर में बंद कर रखा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गायों को लंबे समय तक भूखा-प्यासा रखा गया, जिससे पशुओं की स्थिति खराब हो सकती थी। सूचना मिलने के बाद उन्होंने किसानों के साथ मौके पर पहुंचकर विरोध शुरू किया।

संजीव सैनी ने कहा कि पशुओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा और अगर किसी भी विभाग की ओर से ऐसी कार्रवाई की जाती है तो किसान संगठन इसका विरोध करेंगे।

वन विभाग कार्यालय के बाहर जुटे किसान

मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में किसान साढौरा वन विभाग कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने गायों को तुरंत बाहर निकालने की मांग की। उनका कहना था कि पशुओं को बिना भोजन और पानी के लंबे समय तक रखना उचित नहीं है।

किसानों के धरने को देखते हुए मौके पर पुलिस और गौरक्षा दल के सदस्य भी पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बातचीत के जरिए मामला शांत कराने का प्रयास किया।

गौरक्षा दल और पुलिस पहुंची मौके पर

मामले की गंभीरता को देखते हुए साढौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने किसानों और वन विभाग कर्मचारियों से बातचीत की।

मौके पर मौजूद गौरक्षा दल के सदस्यों ने भी गायों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों की मौजूदगी में गायों को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।

रात करीब साढ़े 10 बजे गायों को परिसर से बाहर निकाला गया, जिसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली।

साढ़े तीन घंटे चला धरना

किसानों का प्रदर्शन करीब साढ़े तीन घंटे तक चला। इस दौरान उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और पशुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

किसान नेताओं ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पशुओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए।

मामले की जांच की मांग

किसानों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि गायों को किस कारण से रोका गया था और उन्हें इतने लंबे समय तक परिसर में क्यों रखा गया।

वहीं, वन विभाग की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग के अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना मामला

साढौरा क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। पशुओं को लेकर हुए इस विवाद में किसान संगठन के शामिल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पशुओं की सुरक्षा और उनके साथ सही व्यवहार सुनिश्चित करना जरूरी है। वहीं, विभागीय कार्रवाई भी नियमों के अनुसार होनी चाहिए।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल गायों को बाहर निकालने के बाद स्थिति सामान्य है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में पशुओं के साथ इस तरह की कोई घटना सामने आती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।

मामले में अब वन विभाग की रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि गायों को किस कारण से रोका गया था और क्या नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई थी।

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