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बागपत: हरियाणवी संगीत की दुनिया में अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाली मशहूर गायिका रेणुका पंवार ने एक और उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा कस्बे से निकलकर देश-विदेश में पहचान बनाने वाली रेणुका पंवार को अब उनकी अपनी नगर पालिका विशेष सम्मान देने जा रही है। खेकड़ा नगर पालिका परिषद ने रेणुका की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के लिए उनके सम्मान में एक आकर्षक बोर्ड लगवाने का फैसला किया है।
नगर पालिका परिषद की बैठक में सभासदों की मांग पर यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष नीलम धामा ने की। प्रस्ताव के अनुसार, रेणुका पंवार के नाम से बोर्ड स्थापित किया जाएगा, जिस पर उनकी संगीत यात्रा और प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख होगा। खेकड़ा के औरंगाबाद मोहल्ले की रहने वाली रेणुका पंवार ने बेहद कम उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा था। उनके पिता का नाम वीरेंद्र सिंह और माता का नाम संतोषी देवी है। सामान्य परिवार में जन्मी रेणुका ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना कई युवा कलाकार देखते हैं।
परिवार के अनुसार, रेणुका को बचपन से ही गायन में दिलचस्पी थी। वह टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले संगीत कार्यक्रमों को देखकर गाने का अभ्यास करती थीं। वर्ष 2012-13 में जैन इंटर कॉलेज में आयोजित एक प्रतिभा कार्यक्रम में उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी थी। इसके बाद संगीत के प्रति उनका लगाव लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2019 में रेणुका ने हरियाणवी संगीत जगत में अपनी पहचान बनानी शुरू की। उनके शुरुआती गीतों को श्रोताओं ने पसंद किया और धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी। हालांकि असली पहचान उन्हें सुपरहिट हरियाणवी गीत ‘52 गज का दामन’ से मिली। इस गीत ने सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।
इसके बाद रेणुका पंवार के कई गीत लोकप्रिय हुए। ‘चटक-मटक’, ‘कबूतर’, ‘नैना के तीर’, ‘डीजे पर मटकूंगी’ और ‘बन्नो’ जैसे गानों ने उन्हें हरियाणवी संगीत की प्रमुख गायिकाओं में शामिल कर दिया। रेणुका ने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ ‘यांता’ गीत में भी काम किया, जिसे दर्शकों से सराहना मिली। इसके अलावा वह सपना चौधरी और उत्तर कुमार जैसे कलाकारों से जुड़े संगीत प्रोजेक्ट में भी अपनी आवाज का जादू बिखेर चुकी हैं। उनकी लोकप्रियता केवल हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों में भी उनके गाने पसंद किए जाते हैं। अक्टूबर 2026 में चंडीगढ़ में आयोजित पंजाबी एंटरटेनमेंट फेस्टिवल अवार्ड्स में उन्हें ‘वॉइस ऑफ हरियाणा’ सम्मान भी मिला था।
रेणुका की उपलब्धियों को देखते हुए खेकड़ा नगर पालिका परिषद ने उनके सम्मान में बोर्ड लगाने का प्रस्ताव मंजूर किया है। नगर पालिका की बैठक में कस्बे के विकास के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें सड़कों और चौराहों के सौंदर्यीकरण, नई स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसी बैठक में स्थानीय प्रतिभाओं को सम्मान देने पर भी जोर दिया गया।
रेणुका पंवार की सफलता छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी कहानी बताती है कि प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है। खेकड़ा नगर पालिका का यह फैसला स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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