हरियाणा

दादरी गोलीकांड में 3 गिरफ्तार, साजिश का खुलासा

Kavita2
8 Aug 2026 10:36 AM IST
दादरी गोलीकांड में 3 गिरफ्तार, साजिश का खुलासा
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चरखी दादरी। हरियाणा के दादरी शहर में सिटी पुलिस स्टेशन के पास गुरुवार को हुई गोलीबारी की घटना के मामले में चरखी दादरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान स्कॉर्पियो SUV में सवार सात लोग घायल हुए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि कथित साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों को पुलिस की दूसरी टीम ने पकड़ा।

मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों में झज्जर जिले के माजरा डुबलाधन गांव का रहने वाला रोहित उर्फ कटिया शामिल है। पुलिस के अनुसार, उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हमले की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों और गोलीबारी के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

सिटी पुलिस स्टेशन के पास हुई थी फायरिंग

गुरुवार को दादरी शहर में सिटी पुलिस स्टेशन के नजदीक स्कॉर्पियो SUV को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। वाहन में सात लोग सवार थे और इस हमले में सभी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

गोलीबारी जैसी गंभीर घटना पुलिस स्टेशन के पास होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े संभावित आरोपियों की पहचान करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की। इसके बाद एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

मुठभेड़ के बाद रोहित उर्फ कटिया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित उर्फ कटिया के रूप में हुई है। वह झज्जर जिले के माजरा डुबलाधन गांव का निवासी बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में रोहित ने कथित तौर पर गोलीबारी की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। हालांकि, उसके बयान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें कितने लोग शामिल थे।

आरोपी के खिलाफ बाउंड कलां पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दो अन्य आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े

इस मामले में पुलिस ने केवल एक आरोपी को ही गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि साजिश में कथित तौर पर शामिल दो अन्य लोगों को भी पकड़ लिया है। पुलिस की दूसरी टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों की भूमिका क्या थी और क्या उन्होंने हमले की योजना बनाने, हथियार उपलब्ध कराने या आरोपियों को किसी अन्य तरीके से मदद की थी।

पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि गोलीबारी की घटना में कुल कितने लोग सीधे तौर पर शामिल थे और हमले का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

सात लोग हुए थे घायल

गोलीबारी के दौरान स्कॉर्पियो SUV में सवार सात लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

पुलिस अब घायलों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना सकती है। घायलों से पूछताछ के जरिए हमले से पहले और बाद की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

साजिश के पीछे के कारणों की जांच

पुलिस के लिए इस मामले में सबसे अहम सवाल हमले के पीछे की वजह का पता लगाना है। शुरुआती जांच में साजिश की बात सामने आई है, लेकिन इसके पीछे कौन सा विवाद या कारण था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों और SUV में सवार लोगों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं। इसके अलावा किसी पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

हथियारों के स्रोत की भी पड़ताल

चूंकि घटना में गोलीबारी हुई थी और आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, इसलिए पुलिस हथियारों के स्रोत की भी जांच कर सकती है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास होगा कि कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए और उन्हें किसने उपलब्ध कराया।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए हथियारों और हमले में इस्तेमाल अन्य संसाधनों से संबंधित जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगी।

पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया है। एक टीम ने मुठभेड़ के बाद रोहित उर्फ कटिया को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरी टीम ने कथित साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों को पकड़ा।

अलग-अलग टीमों की कार्रवाई से पुलिस का उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों तक पहुंचना और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ना है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर सकती है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है। शुरुआती पूछताछ में रोहित उर्फ कटिया की कथित स्वीकारोक्ति को जांच का एक हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की पुष्टि करेगी।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और गोलीबारी के लिए हथियारों की व्यवस्था कैसे की गई।

दादरी शहर में पुलिस स्टेशन के पास हुई इस गोलीबारी ने इलाके में चिंता पैदा कर दी थी। सात लोगों के घायल होने के बाद पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव था। अब तीन गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसी को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही गोलीबारी की पूरी साजिश, हमले का मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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