
हरियाणा : सीआईए टीम ने नेशनल हाईवे 152-डी पर जामनी टोल के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से करीब एक हजार पेटी शराब बरामद की है। पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि शराब की खेप चंडीगढ़ से राजस्थान ले जाई जा रही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पिल्लूखेड़ा थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के दतिया जिले के गांव जोहरिया निवासी 31 वर्षीय निलेश और 21 वर्षीय लखपत यादव के रूप में हुई है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
डीएसपी ऋषभ सोढ़ी ने बताया कि सीआईए टीम प्रभारी यादवेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ से बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी की जा रही है और इस खेप को राजस्थान पहुंचाया जाना है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए सीआईए टीम ने अंबाला-नारनौल नेशनल हाईवे 152-डी पर जामनी टोल के आसपास नाकाबंदी की। पुलिस टीम ने हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू कर दी।
इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध ट्रक आता दिखाई दिया। ट्रक का हुलिया और अन्य जानकारी पुलिस को मिली सूचना से मेल खा रही थी। इसके बाद टीम ने ट्रक को रुकने का संकेत दिया और चालक तथा उसके साथ मौजूद व्यक्ति से पूछताछ शुरू की।
पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां मिलीं। गिनती करने पर करीब एक हजार पेटी शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब चंडीगढ़ से लाई गई थी और इसे राजस्थान पहुंचाया जाना था। हालांकि यह खेप राजस्थान में किस व्यक्ति या स्थान तक पहुंचनी थी, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब किसके कहने पर ट्रक में लोड की गई थी और चंडीगढ़ में इसे किस स्थान से उठाया गया था। साथ ही राजस्थान में खेप लेने वाला व्यक्ति कौन था, इसे लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले भी इसी मार्ग से शराब की तस्करी की है। पुलिस दोनों के पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
ट्रक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और ट्रक मालिक को शराब की खेप के बारे में जानकारी थी या नहीं, इसका पता लगाया जाएगा।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। यदि कोई परमिट या बिल पेश किया जाता है तो उसकी सत्यता की भी जांच की जाएगी।
नेशनल हाईवे 152-डी कई राज्यों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में तस्कर लंबी दूरी तक अवैध सामान पहुंचाने के लिए हाईवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी वजह से पुलिस समय-समय पर संदिग्ध वाहनों की जांच करती रहती है।
जामनी टोल के पास की गई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एक साथ एक हजार पेटी शराब पकड़े जाने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच से भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्करी के लिए शराब को ट्रक में किस तरह रखा गया था और क्या उसे छिपाने के लिए किसी अन्य सामान का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि ट्रक ने चंडीगढ़ से निकलने के बाद कौन-कौन से रास्ते तय किए और रास्ते में किन स्थानों पर रुका था।
आरोपियों से पूछताछ में यदि अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। राजस्थान और चंडीगढ़ में संबंधित लोगों की पहचान के लिए अन्य पुलिस इकाइयों से भी संपर्क किया जा सकता है।
बरामद शराब की कीमत और ब्रांड से संबंधित विस्तृत जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरी खेप का रिकॉर्ड तैयार कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और हाईवे तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब राजस्थान में किस उद्देश्य से भेजी जा रही थी।
फिलहाल निलेश और लखपत यादव पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस शराब तस्करी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।





