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Vadodara वडोदरा: जावेरी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक करण जावेरी ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि इसे केवल संकीर्ण या अल्पकालिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, बजट को हमेशा दीर्घकालिक दृष्टि से देखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह बजट पिछले तीन वर्षों के बजटों के अनुरूप है और ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य के साथ तालमेल रखता है।
आईएएनएस से बातचीत में करण जावेरी ने कहा, “बजट केवल वित्तीय आंकड़ों या तत्काल प्रभावों तक सीमित नहीं है। यह भविष्य की आर्थिक रणनीतियों और दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। निवेशकों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों के लिए इसके संकेत बहुत मायने रखते हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार क्षेत्रों के लिए किए गए प्रावधान सकारात्मक संकेत देते हैं। 10,000 करोड़ रुपये के एमएसएमई ग्रोथ फंड, ‘चैंपियन एमएसएमई’ योजना और वित्तीय समावेशन पर जोर से यह स्पष्ट होता है कि सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
करण जावेरी ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए बजट में किए गए कदमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग, फसल विविधीकरण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन पर आधारित पहल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।
बजट में ऊर्जा, अवसंरचना और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को दी गई प्राथमिकता से दीर्घकालिक निवेश की संभावना बढ़ेगी। करण जावेरी ने विशेष रूप से ‘भारत-विस्तार’ जैसे एआई-संचालित कृषि और डेटा आधारित मंचों की शुरुआत को भी सराहा।
इसके अलावा, वित्त मंत्री द्वारा महिला सशक्तिकरण और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए किए गए प्रावधानों पर करण जावेरी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट में दी गई नीतियां सामाजिक और आर्थिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।
करण जावेरी ने अंत में कहा, “यह बजट निवेशकों, उद्योग और आम जनता के लिए स्थिरता और दीर्घकालिक विकास की दिशा में स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसे केवल एक साल के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए रणनीतिक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाना चाहिए।”
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