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Gujrat गुजरात: पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने राज्यभर के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में जहां खेतों में पानी भर गया है, वहीं फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। आणंद जिले में भी फसलें चौपट हो गई हैं। प्रशासन ने तुरंत नुकसान के आकलन के लिए सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। आणंद कलेक्टर प्रवीण चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा, “गुजरात राज्य में पिछले कुछ दिनों में बेमौसम बारिश के चलते फसल को काफी नुकसान हुआ है। आणंद जिले में भी फसल प्रभावित हुई है। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिले में 114 सर्वे की टीमें गठित की गई हैं, जो गांव-गांव जाकर फसलों का मूल्यांकन कर रही हैं। सर्वे कार्य शुरू हो चुका है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।”
कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा और राहत उपलब्ध कराना है। सर्वे में मुख्य रूप से धान, मूंगफली, कपास, अरहर और सब्जी फसलों की क्षति का आकलन किया जा रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भर जाने से कटाई के लिए तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रवीण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की वास्तविक स्थिति का ईमानदारी से सर्वे किया जाए, ताकि नुकसान का उचित मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।
स्थानीय कृषि अधिकारियों के अनुसार, आणंद और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश ने लगभग हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कई किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में जलभराव होने के कारण बीज और पौध नष्ट हो गए हैं, जिससे आने वाले मौसम में भी खेती प्रभावित हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मुआवजा राशि शीघ्र दी जाए ताकि वे आगामी बुवाई की तैयारी कर सकें। वहीं, कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर किसानों को सलाह दे रही हैं कि खेतों से पानी की निकासी जल्द कराई जाए और फसलों की पुनर्बुवाई की संभावना देखी जाए।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जिन क्षेत्रों में फसलों का नुकसान अधिक हुआ है, वहां राज्य सरकार की विशेष राहत योजना के तहत अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही कृषि ऋण पुनर्गठन और बीमा दावों की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू की जा रही है। गौरतलब है कि गुजरात में इस साल मानसून के बाद अचानक हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में इसी तरह की स्थिति सामने आई है, जिससे सरकार और कृषि विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
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