गुजरात

बोटाद में बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, 10 दिनों में 57,000 किसानों ने मांगी सरकारी मदद

SHIDDHANT
24 Nov 2025 8:44 PM IST
बोटाद में बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, 10 दिनों में 57,000 किसानों ने मांगी सरकारी मदद
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Gujrat गुजरात: बोटाद जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। लगातार हो रहे नुकसान के बीच किसान बड़ी संख्या में सरकारी सहायता के लिए आवेदन कर रहे हैं। स्थिति का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 10 दिनों में 57,000 सहायता आवेदन जमा किए गए हैं, जो जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं।
जिले के कृषि अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में हुई अनियमित बारिश और तेज़ हवाओं ने मूंगफली, कपास, ज्वार, गेहूं और सब्ज़ी की फसलों को व्यापक
नुकसान
पहुंचाया है। खेतों में पानी भर जाने और पौधों के गिर जाने से उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ा है। कई स्थानों पर किसानों ने बताया कि उनकी पूरी सीज़न की मेहनत बारिश के एक-दो दौर में ही चौपट हो गई।
प्रशासन ने जल्द राहत प्रक्रिया शुरू करते हुए नुकसान का सर्वे करवाया है। पंचायत और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कियोस्क और सहकारी समितियों पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं, ताकि फॉर्म भरने में किसी तरह की देरी या परेशानी न हो।
जिले के कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए राहत राशि के आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। किसानों को अपनी जमीन के दस्तावेज़, बैंक विवरण और फसल क्षति के प्रमाण प्रस्तुत करने होते हैं ताकि राहत राशि सीधे खातों में भेजी जा सके। प्रशासन ने यह भी कहा कि सभी 57,000 आवेदन प्राथमिकता के आधार पर जांचे जाएंगे और योग्य किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद दी जाएगी।
स्थानीय किसान यूनियनों ने सरकार से क्षति आकलन में तेजी लाने और वास्तविक नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त मुआवज़ा देने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बदलते मौसम और अनियमित वर्षा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाला है। कई किसानों ने यह भी बताया कि अगर समय पर मदद नहीं मिली तो अगले सीज़न की बुवाई करना मुश्किल हो जाएगा। बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि मौसम परिवर्तन का असर अब ग्रामीण जीवन और कृषि उत्पादन पर पहले से कहीं ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। जिले में राहत प्रक्रिया जारी है और प्रशासन ने भरोसा दिया है कि किसानों को बिना देरी के सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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