गुजरात

स्वच्छ भारत दिवस पर नवसारी पहुंचे केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल

Ratna Netam
3 Oct 2026 4:09 PM IST
स्वच्छ भारत दिवस पर नवसारी पहुंचे केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल
x
नवसारी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने शुक्रवार को 'स्वच्छ भारत दिवस' के अवसर पर गुजरात के नवसारी जिले के चिखली ब्लॉक स्थित माजिगाम गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे दैनिक जीवन और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर देशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन की व्यापक पहल भी की गई थी।
माजिगाम में आयोजित विशेष ग्राम सभा में गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री नरेश पटेल, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी और राज्य तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ग्राम सभा में ग्रामीण स्वच्छता और लोगों की भागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में भी सफाई मित्रों और स्वच्छाग्रहियों के सम्मान तथा उनके स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को प्रमुख गतिविधियों में शामिल किया गया था।
अपने संबोधन में पाटिल ने लोगों से स्वच्छता को सामूहिक संकल्प बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक दिन चलाया जाने वाला अभियान नहीं है। इसे लोगों के दैनिक जीवन, व्यवहार और जिम्मेदारी से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने लोगों से यह संकल्प लेने की अपील की कि वे खुद गंदगी नहीं फैलाएंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकने के लिए जागरूक करेंगे।
स्वच्छता ही सेवा 2026 की थीम 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' रखी गई है। केंद्र सरकार ने इस अभियान में स्वच्छता को साझा जिम्मेदारी बताते हुए सरकार, स्थानीय निकायों, संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया है। अभियान 17 सितंबर से शुरू हुआ था और स्वच्छ भारत दिवस पर विशेष गतिविधियों के साथ इसका समापन किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के साथ स्वच्छता को भी महत्व दिया था। पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने स्वच्छता को देशव्यापी जनभागीदारी से जोड़ने का काम किया है।
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी। इसके ग्रामीण घटक के तहत शौचालय निर्माण के साथ-साथ खुले में शौच से मुक्ति और बाद के चरण में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। जल शक्ति मंत्रालय ने जून 2026 में बताया था कि ग्रामीण भारत में करीब 12 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं और पांच लाख से अधिक गांवों ने खुद को ODF Plus (Model) घोषित किया है।
पाटिल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सरकार की योजनाओं के साथ जब स्थानीय लोग स्वयं स्वच्छता गतिविधियों से जुड़ते हैं, तभी उनमें स्थायी बदलाव की संभावना मजबूत होती है। इसी वजह से ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को ग्रामीण स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों में अहम भूमिका दी गई है।
इस वर्ष स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर देशभर में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, 2 अक्टूबर को 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएं निर्धारित की गई थीं। इन बैठकों में स्थानीय नागरिकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। इसी अवसर पर 'सबकी योजना, सबका विकास' पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 की शुरुआत भी हुई, जिसके तहत वित्त वर्ष 2027-28 के लिए पंचायत विकास योजनाएं तैयार की जानी हैं।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत विशेष ग्राम सभाओं में अभियान के परिणामों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, कचरे को स्रोत पर अलग करने और स्वच्छ सेवा आकलन जैसे विषयों पर चर्चा की व्यवस्था की गई। इसका उद्देश्य गांवों में केवल साफ-सफाई अभियान चलाना नहीं, बल्कि स्वच्छता सेवाओं की स्थिति का नियमित मूल्यांकन और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी है।
ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सितंबर में 'स्वच्छ सेवा आकलन' भी शुरू किया है। यह ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं के आकलन के लिए एक वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढांचा है। इसमें ग्राम सभा के सत्यापन को भी शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा सके।
माजिगाम की विशेष ग्राम सभा में पाटिल का संदेश भी इसी जनभागीदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने साफ-सफाई को सरकारी विभाग या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी भर मानने के बजाय प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनाने की बात कही। उनका जोर इस बात पर रहा कि स्वच्छता संबंधी व्यवहार रोजमर्रा की आदत में शामिल होने पर ही अभियान के परिणाम लंबे समय तक कायम रह सकते हैं।
स्वच्छ भारत दिवस पर आयोजित यह ग्राम सभा ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने की पहल का हिस्सा रही। केंद्र सरकार का कहना है कि स्वच्छ भारत के लक्ष्य को स्थायी रूप से हासिल करने के लिए गांवों में स्वच्छता सुविधाओं के साथ व्यवहार में बदलाव और नागरिकों की लगातार भागीदारी भी जरूरी है।
Next Story