
x
Gandhinagar गांधीनगर: गुजराज गांधीनगर में स्थित महात्मा मंदिर में बुधवार को दो दिवसीय 'स्टार्टअप कॉन्क्लेव- प्रदर्शनी-2025' का समापन हो गया। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्टार्टअप्स से जुड़े विभिन्न उद्यमियों एवं छात्रों से बातचीत की। ऋषिकेशभाई पटेल ने कहा कि यह स्टार्टअप कॉन्क्लेव गुजरात सहित देश के युवाओं को नई दिशा और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। देश में 2014 के बाद नए उद्यमियों के लिए स्टार्टअप के रूप में एक नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव अंत नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में युवाओं के लिए सरकार की मदद से कुछ नया करने की शुरुआत है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में पूरे देश से यूनिकॉर्न, निवेशक, उद्योगपति और उद्यमियों ने हिस्सा लिया है। जो विद्यार्थी टेक्नोलॉजी-कोर-इमर्जिंग ब्रांचेस में अध्ययन कर रहे हैं, उनके लिए नई दिशा के द्वार खुलेंगे। आज का युवा उच्च शिक्षा के बाद न केवल अपना रोजगार शुरू करता है, बल्कि नवाचार-नए आइडिया के माध्यम से दूसरे युवाओं को रोजगार देने में सक्षम हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज के युवा अपने टैलेंट और नए आइडिया के आधार पर नई उड़ान भरकर नए भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज के युवा आत्मनिर्भर बनकर अपने देश में टेक्नोलॉजी का उपयोग कर प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में अहम योगदान दे रहे हैं।
पटेल ने कहा कि आज भारत स्वदेशी तकनीक के उपयोग से जेट ही नहीं, बल्कि सुपर जेट विमान बनाने की ताकत रखता है। उन्होंने स्टार्टअप के विभिन्न उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि हम समस्या से समाधान तक की दौड़ लगाएंगे, तभी सफल होंगे। राज्य सरकार ने स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं को उचित मंच देकर उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाया है। आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में अनेक क्षेत्रों में नई क्रांति आई है। राज्य सरकार ने आई-हब के जरिए युवाओं को उनके नए आइडिया को साकार करने का श्रेष्ठ मंच उपलब्ध कराया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात सरकार स्टार्टअप्स को मजबूत सहयोग देने के लिए सदैव ही प्रतिबद्ध रही है। आई-हब गुजरात के युवाओं के उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है। युवाओं के नए एवं इनोवेटिव विचारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आगामी समय में गुजरात में रीजन के हिसाब से आई-हब बनाए जाएंगे। रीजन के अनुसार आई-हब बनने से सुदूरवर्ती छोटे गांव के युवाओं के नए विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए उनके गांव के निकट स्थित सेंटर पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दौड़ में युवा उद्यमियों का सहयोग काफी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उनके टेक्नोसेवी विचार भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने इस अवसर पर निवेशकों से अनुरोध किया कि वे युवाओं की ऊर्जा, नए विचारों और नए उद्यमों में और अधिक निवेश करें।
ऋषिकेशभाई पटेल ने कहा कि आने वाला समय नए विचारों और युवा टैलेंट का है। वर्तमान समय की समस्याओं का समाधान लाने में उनके नवोन्मेषी विचार बहुत ही उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 21वीं सदी में पैसा, सोना या संपत्ति वाले नहीं, बल्कि नए और इनोवेटिव आइडिया तथा आउट ऑफ द बॉक्स विचार वाले युवा धनवान माने जाएंगे। उन पर विश्वास रखते हुए निवेश करने से निवेशकों को तो मुनाफा होगा ही, साथ ही युवाओं के सपनों को भी पंख मिलेंगे।
उच्च शिक्षा आयुक्त दिलीप राणा ने दो दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित सत्रों और निवेशों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव में उभरते नए इनोवेटिव विचारों और नौजवानों को महत्वपूर्ण मंच मिला है। इन दो दिनों के दौरान कुल 18 हजार से अधिक उद्यमियों-विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इतना ही नहीं, विभिन्न क्षेत्रों में 84 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए तथा नए उद्यमियों को उनके स्टार्टअप्स में कुल 232 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 500 से अधिक निवेशकों के साथ बीटूबी का आयोजन किया गया तथा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में 20 से अधिक राज्यों के 170 से अधिक स्टार्टअप्स और 125 से अधिक उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।
तकनीकी शिक्षा निदेशक बीएच तलाटी ने स्वागत भाषण में कहा कि इस दो दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव में एआई, आईओटी, डीप टेक और डिफेंस जैसे मुख्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों और उद्यमियों ने विचार-मंथन किया। उन्होंने नए स्टार्टअप्स से उन 25 से 32 वर्ष के युवाओं से प्रेरणा लेने का अनुरोध किया जिन्होंने स्टार्टअप के माध्यम से 1000 करोड़ रुपए का कारोबार खड़ा किया है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न उद्यमियों एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनके इनोवेशन के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने छह विभिन्न स्टार्टअप को लगभग 21 करोड़ रुपए से अधिक के चेक का वितरण किया, जिनमें ग्रोक्स कंपनी की ओर से डिफेंस क्षेत्र में आर्मरी शील्ड प्राइवेट लिमिटेड में 10 करोड़ रुपए, सी फंड कंपनी द्वारा डीप टेक क्षेत्र में कॉन्सेंट एआई में 3.1 करोड़ रुपए, जीएसएफ कंपनी द्वारा एचआर टेक और स्पेस टेक क्षेत्र में क्रमशः जेनस्टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 4.8 करोड़ रुपए और वेल्किनरीम टेक्नोलॉजी में 2.5 करोड़ रुपए के निवेश का चेक शामिल है। इसके अलावा, इंडिकॉर्न एंजल्स कंपनी द्वारा एआई क्षेत्र में सेट माई कार्ट में 1 करोड़ रुपए और आईआईएम कलकत्ता द्वारा क्लीन टेक्नोलॉजी क्षेत्र में मल्हारी प्रोजेक्ट में निवेश किए गए 0.5 करोड़ रुपए के चेक का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में आई-हब के सीईओ हिरेन मेहता ने आभार व्यक्त किया।
समापन समारोह में शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव सुनयना तोमर, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक और बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।
Tagsस्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025गुजरातआई-हबयुवा उद्यमीनिवेशजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





