गुजरात

इस बार अहमदाबाद में क्रिकेट के सहारे निकलेगी रथ यात्रा, इन 6 इलाकों में पुलिस कराएगी मिक्स टीम टूर्नामेंट

Renuka Sahu
13 Jun 2022 2:04 AM GMT
This time Rath Yatra will come out with the help of cricket in Ahmedabad, police will organize mixed team tournament in these 6 areas
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फाइल फोटो 

अहमदाबाद में बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के द्वारा पैगंबर के खिलाफ की गई टिप्पणी पर विरोध और तनाव बढ़ता जा रहा है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अहमदाबाद में बीजेपी नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के द्वारा पैगंबर के खिलाफ की गई टिप्पणी पर विरोध और तनाव बढ़ता जा रहा है. 1 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की 145वीं रथ यात्रा (Rath Yatra 2022) निकाली जानी है. ऐसे में पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती आकर खड़ी हो गई है. जिस को देखते हुए शहर पुलिस ने किक्रेट का सहारा लिया है. पुलिस जुलूस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए 'गुले' क्रिकेट का उपयोग करेगी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई से शुरू होने वाली रथ यात्रा से पहले वो 6 संवेदनशील वार्ड जहां से यात्रा निकलेगी. वहां पुलिस मिक्स टीम क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करेगी.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सेक्टर 1 अहमदाबाद शहर आर वी असारी ने कहा कि खेल हमें अनुशासन और टीम भावना सिखाता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्रिकेट हमारे देश में खेले जाने वाला सबसे बड़ा खेल है. लोग इसे काफी हद तक जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम क्रिकेटरों के मिश्रण के साथ छह वार्डों से टीमें बनाने का फैसला किया है. पुलिस आयुक्त का कहना है कि क्रिकेट दोनों समुदाय के बीच एक ब्रिज का काम करेगा.
6 में से पांच वार्ड में हुआ था नूपुर शर्मा को लेकर प्रदर्शन
ये छह वार्ड जमालपुर, कालूपुर, खड़िया, दरियापुर, शाहपुर और सरसपुर पुराने शहर में स्थित हैं. इन 6 वार्डों को अतिसवेंदनशील वार्ड कहा जाता है. सरसपुर को छोड़कर इनमें से पांच वार्डों में पिछले हफ्ते बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस क्षेत्र में दो साल पहले सीएए के विरोध में भी प्रदर्शन हुआ था.
2 साल बाद निकाली जा रही है रथयात्रा
ओडिसा के पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के बाद उस तरह का सबसे बड़ा आयोजन अहमदाबाद में होता है. इसमें लगभग 3-4 लाख श्रद्धालु जमालपुर दरवाजा से पुराने शहर के सरसपुर तक 9 किलोमीटर के जुलूस में शामिल होते हैं. इस बार दो साल के गैप के बाद रथ यात्रा निकाली जा रही है. दरअसल कोरोना के कारण 2 साल तक रथ यात्रा नहीं निकाली गई थी. ऐसे में इस बार रथ यात्रा में ज्यादा भीड़ जमा होने के कयास लगाए जा रहे हैं. जिस को देखते हुए पुलिस स्थानीय समुदाय के नेताओं और क्लबों से बातचीत कर रही है और क्रिकेट टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर दी गई है.
2002 के दंगों से पहले कई बार यात्रा के दौरान हुई हैं झड़प
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2002 के दंगों से पहले यात्रा के दौरान सांप्रदायिक झड़पों के कई उदाहरण हैं. नानावती आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा के दौरान 1941, 1946, 1965, 1969, 1992 और 1993 में पुराने शहर में हिंसा हुई थी. रिकॉर्ड यह भी दिखाते हैं कि स्थानीय क्रिकेट मैचों और भारत-पाकिस्तान खेलों के दौरान होने वाले समारोहों ने अहमदाबाद और गुजरात के कई शहरों में सांप्रदायिक हिंसा की शुरुआत की थी.
क्रिकेट मैच के दौरान भी हुए कई विवाद
2003 में अहमदाबाद के बाहरी इलाके विरमगाम में एक स्थानीय मैच के दौरान हुए विवाद में तीन लोगों की मौत हो गई थी. 2020 में, राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी थी कि 2018 में आनंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा की नौ घटनाएं हुईं, जिसमें एक क्रिकेट मैच प्रेरित थी.
बीजेपी नेता और जमालपुर खड़िया के पूर्व विधायक भूषण भट्ट ने कहा कि अहमदाबाद में क्रिकेट मैचों के दौरान होने वाली सांप्रदायिक हिंसा का पुराना रिकॉर्ड है. पुलिस का कहना है कि अब हम खेल के माध्यम से पुल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. खेल में एक पक्ष जीतता है और दूसरा पक्ष हारता है, फिर भी खेल दोनों पक्षों को कुछ न कुछ सिखाता है. इसलिए दोनों समुदायों को खेल से सीखना चाहिए, और इस तरह के टूर्नामेंट वार्षिक आधार पर आयोजित किए जाने चाहिए.
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