गुजरात

सूरत और दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से तापी नदी उफान पर,

SHIDDHANT
31 Oct 2025 10:17 PM IST
सूरत और दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से तापी नदी उफान पर,
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SURAT सूरत: दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में लगातार भारी बारिश के कारण तापी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नदी के उफान से निम्न इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और प्रशासन सतर्क मोड पर है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के उप तहसीलदार साजिद ने बताया कि “अरब सागर में बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low-Pressure Area) के कारण दक्षिण गुजरात में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना बनी हुई है। यह स्थिति अगले सात दिनों तक बनी रह सकती है।”
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया है, क्योंकि तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है। सूरत के उमरा, रांदेर और अदाजन जैसे निचले क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
सूरत नगर निगम (SMC) और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव दलों को तैनात कर दिया है। तापी नदी के किनारे बसे इलाकों में जलस्तर की निगरानी की जा रही है। अगर नदी में पानी का स्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों के लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नागरिक अनावश्यक रूप से नदी के किनारे या पुलों के पास न जाएं। एसडीआरएफ और दमकल विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अरब सागर में दबाव का असर पूरे तटीय गुजरात पर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर में बना यह दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे चक्रवाती स्वरूप ले सकता है, जिसके कारण सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों—जैसे सूरत, वलसाड, नवसारी और भावनगर—में भारी वर्षा की संभावना है।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर 120 मिमी तक बारिश हो सकती है।
स्थानीय जीवन प्रभावित
लगातार बारिश से सूरत शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि कार्यालयों में भी उपस्थिति कम रही। यातायात पर भी असर पड़ा है, कई प्रमुख सड़कों पर धीमी रफ्तार से वाहन चल रहे हैं।
वहीं, किसानों ने बताया कि भारी बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका है, खासकर दक्षिण गुजरात के ग्रामीण इलाकों में जहां खेतों में पानी भर गया है।
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