
Gujarat गुजरात: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के मजदूर अपने-अपने घरों की ओर लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे, जिससे प्लेटफॉर्म और बाहर भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय स्टेशन परिसर में हजारों की संख्या में लोग ट्रेन पकड़ने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई जगह अव्यवस्था की स्थिति बन गई। बताया गया कि इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने जल्दबाजी में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे स्थिति और भीड़भाड़ बढ़ गई। हालांकि कुछ घंटों के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की।
इसी बीच बाद में एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए करीब 1,300 यात्री पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए। इन यात्रियों में ज्यादातर सूरत में काम करने वाले प्रवासी मजदूर शामिल थे, जो अलग-अलग राज्यों से यहां रोजगार के लिए आए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, यह भी बताया जा रहा है कि यह यात्री समूह विशेष योजना के तहत यात्रा कर रहा था, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रेन के रवाना होने के दौरान स्टेशन पर एक अलग ही माहौल देखने को मिला। यात्रियों ने सामान्य तरीके से यात्रा शुरू की और उत्साह के साथ रवाना हुए।
स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों ने “जय श्री राम” और “वंदे मातरम” के नारे भी लगाए और तिरंगा लहराते हुए अपनी यात्रा शुरू की। बाद में पूरे स्टेशन का माहौल शांत और व्यवस्थित हो गया।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि प्रवासी मजदूरों को अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्टेशन पर किसी तरह की अव्यवस्था दोबारा न हो।
इस घटना के बाद सूरत जैसे औद्योगिक शहरों में प्रवासी मजदूरों की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।





