गुजरात

Surat : प्राइवेट सेफ वॉल्ट से 2.67 करोड़ का सोना गायब

Kavita2
28 July 2026 3:32 PM IST
Surat : प्राइवेट सेफ वॉल्ट से 2.67 करोड़ का सोना गायब
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सूरत : गुजरात के सूरत शहर में एक प्राइवेट सेफ डिपॉजिट सुविधा केंद्र में ग्राहकों के लॉकर से करोड़ों रुपये का सोना गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में ‘नक्षत्र सेफ वॉल्ट’ के तीन मालिकों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में ग्राहकों के लॉकर से करीब 206 तोला सोना गायब होने का आरोप है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.67 करोड़ रुपये बताई जा रही है। घटना सामने आने के बाद सेफ वॉल्ट सुविधा केंद्र में हड़कंप मच गया और कई ग्राहक अपने लॉकर की जांच के लिए पहुंचे।

मामला सूरत के सिंगानपोर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। शिकायत बिल्डर रमेश जीवराज वाघाणी की ओर से दर्ज कराई गई, जो वर्ष 2020 से ‘नक्षत्र सेफ वॉल्ट’ में लॉकर सुविधा का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वह हर साल करीब 1,700 रुपये की फीस देकर अपना लॉकर किराए पर लेते थे।




शिकायत के आधार पर पुलिस ने नक्षत्र सेफ वॉल्ट के संचालकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान हर्ष डियोरा, उनके भाई हरिकृष्ण डियोरा, उनके पिता महेश डियोरा और मणिलाल के रूप में की गई है। पुलिस का आरोप है कि मणिलाल ने ग्राहकों के लॉकर तोड़ने में मदद की।

प्रारंभिक जांच में पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि लॉकरों तक पहुंच कैसे बनाई गई और ग्राहकों के कीमती सामान को किस तरह निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, मामले में दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद कई ग्राहक सेफ वॉल्ट पहुंचे और अपने लॉकर की स्थिति की जांच की। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में सेफ डिपॉजिट केंद्र के अंदर का दृश्य दिखाई दे रहा है, जहां कई ग्राहक अपने सामान की जांच करते नजर आ रहे हैं।

ग्राहकों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। सेफ डिपॉजिट सुविधा केंद्रों का इस्तेमाल लोग अपने गहने, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए करते हैं। ऐसे में लॉकर से सामान गायब होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी कब और किस तरीके से हुई तथा इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या आरोपियों ने लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया था या यह किसी एक घटना से जुड़ा मामला है। इसके अलावा, अन्य ग्राहकों के लॉकर की स्थिति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

सेफ वॉल्ट संचालकों पर लगाए गए आरोपों के बाद ग्राहकों में भरोसे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी लॉकर सुविधाओं में सुरक्षा मानकों, निगरानी व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया का मजबूत होना बेहद जरूरी है।

इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

फिलहाल पुलिस ने सभी संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और गायब हुए सोने की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राहकों को उम्मीद है कि जांच के जरिए जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा और उनकी संपत्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सूरत के इस मामले ने निजी सेफ डिपॉजिट केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों के विश्वास को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच से यह साफ होगा कि इस बड़ी चोरी के पीछे वास्तविक कारण और जिम्मेदार लोग कौन हैं।

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