गुजरात
गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी पहुंचे स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी
Ratna Netam
23 Oct 2026 9:56 PM IST

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गांधीनगर। भारत और स्कॉटलैंड के बीच शिक्षा, अनुसंधान और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। गुजरात के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर स्थित गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (GBU) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली तथा छात्रों से बातचीत की। स्विनी ने गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के बीच मौजूदा साझेदारी को और मजबूत बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय में छात्रों से की मुलाकात
गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, जॉन स्विनी ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर छात्रों और शैक्षणिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।इस दौरान उन्होंने शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर चर्चा की।स्विनी ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध वैश्विक अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अनुसंधान आधारित शिक्षा और विभिन्न देशों के शिक्षण संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।इस मुलाकात का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए अवसरों से परिचित कराना भी था।
यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के साथ साझेदारी पर जोर
गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के बीच पहले से शैक्षणिक सहयोग स्थापित हैइस साझेदारी के अंतर्गत शिक्षा, अनुसंधान और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण से जुड़े अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम के प्रत्येक बैच से 25 विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक अध्ययन और वैश्विक शोध वातावरण का अनुभव प्राप्त करने में मदद करती है।
छात्रों को सुनाए अपने कॉलेज के अनुभव
स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी स्वयं यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के पूर्व छात्र हैं।उन्होंने विश्वविद्यालय से राजनीति विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपने कॉलेज जीवन के अनुभव भी साझा किए।स्विनी ने छात्रों के साथ शिक्षा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।उनकी यह बातचीत विद्यार्थियों के लिए विशेष रही, क्योंकि वे उस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं जिसके साथ गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक साझेदारी है।
जीवन विज्ञान और शोध में नए अवसर
गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी का उद्देश्य आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।यहां विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग से शोधकर्ताओं को नए वैज्ञानिक अनुभवों और तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलता है।जॉन स्विनी के दौरे के दौरान भी इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
गुजरात और स्कॉटलैंड के बीच महत्वपूर्ण समझौता
जॉन स्विनी की गुजरात यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच व्यापक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर की उपस्थिति में गांधीनगर में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।इस समझौते में नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, कौशल विकास, खेल, व्यापार, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।दोनों पक्षों ने जीवन विज्ञान और टिकाऊ विकास से जुड़े अवसरों को भी महत्वपूर्ण बताया।
भारत दौरे पर कई महत्वपूर्ण मुलाकातें
जॉन स्विनी 20 से 27 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। उनके दौरे में नई दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहर शामिल हैं।इस यात्रा का उद्देश्य भारत और स्कॉटलैंड के बीच व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।इससे पहले नई दिल्ली में स्विनी ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी।इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, उच्च शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
विद्यार्थियों को मिल सकते हैं नए अवसर
गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में जॉन स्विनी की यात्रा को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के बीच संबंध मजबूत होने से आने वाले समय में विद्यार्थियों के आदान-प्रदान, शोध परियोजनाओं और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के अवसर बढ़ सकते हैं।हालांकि, इस दौरे के दौरान किसी नए विशिष्ट शैक्षणिक कार्यक्रम की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल दोनों संस्थानों के बीच मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया है।
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