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गुजरात में 159.50 करोड़ की दमन-गंगा बैराज परियोजना, सिंचाई और भूजल रिचार्ज को मिलेगा बढ़ावा

Kavita2
12 Oct 2026 11:14 AM IST
गुजरात में 159.50 करोड़ की दमन-गंगा बैराज परियोजना, सिंचाई और भूजल रिचार्ज को मिलेगा बढ़ावा
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वलसाड। गुजरात के वलसाड जिले में जल सुरक्षा और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना शुरू होने जा रही है। वापी तालुका के नामधा गांव के पास दमन-गंगा नदी पर 159.50 करोड़ रुपये की लागत से बैराज बनाया जाएगा। इस परियोजना से जिले में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने, भूजल रिचार्ज को प्रोत्साहित करने और जल सुरक्षा मजबूत करने की उम्मीद है।

दमन-गंगा बैराज परियोजना के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल के तहत काम शुरू किया गया है। प्रस्तावित बैराज मौजूदा वापी वियर से लगभग तीन किलोमीटर नीचे की ओर बनाया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद नदी के पानी का बेहतर प्रबंधन करने और आसपास के क्षेत्रों में जल संसाधनों के उपयोग को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वलसाड जिले के लिए यह परियोजना इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पानी की उपलब्धता खेती, स्थानीय जरूरतों और भूजल स्तर को बनाए रखने से सीधे जुड़ी हुई है। बैराज के निर्माण से इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना के पूरा होने की तारीख और इससे लाभान्वित होने वाले गांवों की विस्तृत संख्या की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

159.50 करोड़ रुपये से बनेगा बैराज

दमन-गंगा बैराज परियोजना पर कुल 159.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके निर्माण के लिए ईपीसी मॉडल अपनाया गया है। इस व्यवस्था के तहत इंजीनियरिंग, निर्माण से संबंधित खरीद और परियोजना के निर्माण कार्य को एकीकृत तरीके से पूरा किया जाता है।

प्रस्तावित बैराज वापी तालुका के नामधा गांव के पास दमन-गंगा नदी पर बनाया जाएगा। इसकी स्थिति मौजूदा वापी वियर से करीब तीन किलोमीटर नीचे की ओर निर्धारित की गई है।

बैराज का निर्माण नदी के जल प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के जरिए पानी के भंडारण और उपयोग से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। इससे आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, बैराज की कुल लंबाई, इसकी जल भंडारण क्षमता और निर्माण पूरा होने की समयसीमा का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की उम्मीद

दमन-गंगा बैराज परियोजना से वलसाड जिले में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने की उम्मीद है। खेती के लिए पानी की नियमित उपलब्धता किसानों की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। नदी पर बैराज बनने से जल संसाधनों के प्रबंधन में मदद मिल सकती है।

सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि गतिविधियों के लिए पानी उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, परियोजना से कितने किसानों को लाभ मिलेगा और कितने क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, इसका आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि बैराज के जरिए पानी का प्रबंधन किस तरह किया जाता है और इसे स्थानीय सिंचाई जरूरतों से कैसे जोड़ा जाता है। इसके लिए संबंधित विभागों की योजना और परियोजना के अंतिम स्वरूप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

भूजल रिचार्ज को मिल सकता है बढ़ावा

दमन-गंगा बैराज का एक प्रमुख उद्देश्य भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देना भी है। भूजल का स्तर बनाए रखना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है। नदी में पानी की उपलब्धता और उसके प्रबंधन का असर आसपास के भूजल संसाधनों पर पड़ सकता है।

बैराज परियोजना से नदी के पानी का बेहतर उपयोग करने और भूजल रिचार्ज की संभावनाओं को बढ़ाने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, भूजल स्तर में कितना सुधार होगा, यह परियोजना की तकनीकी संरचना, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों और नदी में पानी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। इस संबंध में कोई निश्चित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर

दमन-गंगा बैराज परियोजना को जिले में जल सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल सुरक्षा का अर्थ केवल पानी जमा करना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का उचित प्रबंधन और जरूरत के अनुसार उनका उपयोग करना भी है।

वलसाड जिले में इस परियोजना से सिंचाई, भूजल रिचार्ज और पानी के बेहतर प्रबंधन की संभावनाएं जुड़ी हुई हैं। वापी के पास नदी पर बैराज बनने से आसपास के क्षेत्रों में जल संसाधनों के नियोजन को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है।

बैराज के निर्माण से जुड़े इंजीनियरिंग और निर्माण कार्यों को निर्धारित योजना के अनुसार पूरा करना आवश्यक होगा। इसके अलावा, परियोजना के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी इसके दीर्घकालिक लाभ तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

वापी वियर से तीन किलोमीटर नीचे बनेगा बैराज

परियोजना की भौगोलिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित बैराज मौजूदा वापी वियर से लगभग तीन किलोमीटर नीचे की ओर होगा। इससे नदी के उस हिस्से में जल प्रबंधन से जुड़ी नई संरचना विकसित होगी।

नामधा गांव के पास इसका निर्माण होने से वापी तालुका इस परियोजना का प्रमुख क्षेत्र रहेगा। परियोजना के माध्यम से नदी के पानी का प्रबंधन करने और जल संसाधनों की उपलब्धता बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

फिलहाल 159.50 करोड़ रुपये की दमन-गंगा बैराज परियोजना को लेकर प्रमुख उम्मीदें सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, भूजल रिचार्ज और जल सुरक्षा में सुधार से जुड़ी हैं। अब परियोजना के निर्माण की प्रगति और आगे जारी होने वाले तकनीकी विवरणों पर नजर रहेगी। परियोजना पूरी होने के बाद इसके वास्तविक लाभ का आकलन किया जा सकेगा।

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