गुजरात

परीक्षा से पहले WhatsApp पर वायरल हुए सवाल, मचा हड़कंप

Saba Naaz
27 July 2026 7:54 PM IST
परीक्षा से पहले WhatsApp पर वायरल हुए सवाल, मचा हड़कंप
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जामनगर। देशभर में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच गुजरात की प्रतिष्ठित आयुर्वेद यूनिवर्सिटी एक नए विवाद में घिर गई है। जामनगर स्थित आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में BAMS थर्ड ईयर के ‘शल्य तंत्र’ विषय की परीक्षा का प्रश्न पत्र एग्जाम शुरू होने से पहले ही WhatsApp पर वायरल होने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, BAMS थर्ड ईयर की परीक्षा के दौरान दावा किया गया कि प्रश्न पत्र के कई सवाल पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म WhatsApp पर प्रसारित हो चुके थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि परीक्षा में पूछे गए कुल 12 सवालों में से 11 सवाल कथित तौर पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही वायरल हो गए थे।

छात्रों का कहना है कि अगर प्रश्न पत्र वास्तव में परीक्षा से पहले लीक हुआ है तो यह केवल एक परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया और छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ यह अन्याय है और ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर करती हैं।

बताया जा रहा है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों को इस कथित पेपर लीक की जानकारी मिली। इसके बाद कई छात्रों ने नाराजगी जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि प्रश्न पत्र बाहर कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच शुरू करने की बात कही है। प्रशासन की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रश्न पत्र लीक होने की बात में कितनी सच्चाई है और यदि ऐसा हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं।

वहीं, छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी शिक्षा क्षेत्र में सामने आती रही हैं, लेकिन कई बार जांच के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में पारदर्शी तरीके से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

अभिभावकों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों में परीक्षा की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण होती है। BAMS जैसे चिकित्सा पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए परीक्षाएं उनके करियर का अहम हिस्सा होती हैं। ऐसे में प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि शिक्षा संस्थानों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में विभिन्न प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। छात्रों के संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।

फिलहाल जामनगर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि प्रश्न पत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं। यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों और अभिभावकों की नजर अब जांच रिपोर्ट और यूनिवर्सिटी के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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