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गांधीनगर। गुजरात सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (VGGS) के 11वें संस्करण से पहले सरकार ने अंतरराष्ट्रीय निवेश संपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत अक्टूबर और नवंबर 2026 के दौरान उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 22 देशों का दौरा करेंगे। इसके अलावा भारत के आठ प्रमुख शहरों में निवेश रोडशो आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विदेशी निवेशकों, उद्योगपतियों और तकनीकी कंपनियों को गुजरात में उपलब्ध कारोबारी अवसरों से परिचित कराना है।
10 से 12 जनवरी तक गांधीनगर में होगा आयोजन
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 11वां संस्करण 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा।इस बार समिट की थीम 'विकसित गुजरात - शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर' रखी गई है।इस आयोजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं, स्टार्टअप्स और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी प्रस्तावित है।समिट के आयोजन के लिए गुजरात सरकार का इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो (iNDEXTb) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
22 देशों में निवेश आकर्षित करने का अभियान
गुजरात सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर के दौरान उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के कुल 22 देशों में निवेश संपर्क कार्यक्रम आयोजित करेंगे।इन दौरों के तहत जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ताइवान, मलेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस और जर्मनी सहित कई देशों में कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की योजना है।इन बैठकों में निवेश के नए अवसरों, औद्योगिक सहयोग, विनिर्माण क्षमता और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।आधिकारिक कार्यक्रम कैलेंडर में भी अक्टूबर और नवंबर के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरे दर्ज हैं।
भारत के आठ शहरों में आयोजित होंगे रोडशो
विदेशी निवेश संपर्क कार्यक्रमों के साथ गुजरात सरकार देश के आठ शहरों में भी रोडशो आयोजित करने की तैयारी कर रही है।इनमें गुवाहाटी, भुवनेश्वर, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, लखनऊ और कोलकाता शामिल हैं।रोडशो के माध्यम से विभिन्न उद्योग समूहों, कारोबारी संगठनों और संभावित निवेशकों को गुजरात की औद्योगिक नीतियों तथा निवेश संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।सरकार का उद्देश्य घरेलू कंपनियों को भी राज्य में नई परियोजनाएं स्थापित करने और कारोबार का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अमेरिका और कनाडा में पहले ही हो चुकी हैं बैठकें
गुजरात सरकार ने निवेश संपर्क अभियान की शुरुआत अगस्त 2026 में की थी।मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका और कनाडा का दौरा किया था।इस दौरान सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन डीसी और टोरंटो में तकनीकी कंपनियों, निवेशकों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें हुई थीं।इन मुलाकातों का उद्देश्य गुजरात में निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत करना और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ व्यावसायिक सहयोग बढ़ाना था।अब अक्टूबर और नवंबर में होने वाले कार्यक्रम उसी अभियान का अगला चरण हैं।
सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर विशेष ध्यान
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 में कई उभरते औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, एयरोस्पेस, रक्षा उत्पादन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।समिट के दौरान इन क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे।सरकार का उद्देश्य गुजरात को आधुनिक विनिर्माण और नई तकनीकों से संबंधित निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
वैश्विक कंपनियों और स्टार्टअप्स को मिलेगा मंच
समिट में बड़े औद्योगिक समूहों के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स को भी भागीदारी का अवसर मिलेगा।इसके तहत व्यापारिक बैठकों, निवेश चर्चाओं, तकनीकी प्रस्तुतियों और कारोबारी साझेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।9 जनवरी 2027 को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो के उद्घाटन का कार्यक्रम भी निर्धारित है।इस प्रदर्शनी में विभिन्न देशों की कंपनियां और औद्योगिक संस्थान अपने उत्पादों तथा तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन कर सकेंगे।
निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में प्रयास
गुजरात सरकार को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान और निवेश रोडशो से राज्य में नई औद्योगिक परियोजनाओं की संभावनाएं बढ़ेंगी।नई परियोजनाओं के माध्यम से विनिर्माण, तकनीकी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।हालांकि, निवेश प्रस्तावों से वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन कितना होगा, यह कंपनियों के अंतिम निर्णय और परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।फिलहाल सरकार जनवरी 2027 के समिट को सफल बनाने और अधिक से अधिक निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारियों में जुटी हुई है।जनवरी में होगा वाइब्रेंट गुजरात समिट, 8 शहरों में रोडशो का ऐलानदुनियाभर के निवेशकों को लुभाने की तैयारी, गुजरात सरकार का बड़ा अभियानवाइब्रेंट गुजरात समिट में जुटेंगे वैश्विक उद्योगपति, निवेश बढ़ाने पर जोर
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